स्मृति ईरानी ने लिया MP का नाम, बोलीं- मुझे टिकट मिला तो उनका मुंह लटक गया था
Smriti Irani: भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने एक पॉडकास्ट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जिक्र किया है। उन्होंने बताया है कि 24 साल पहले दोनों नेता साथ में काम करते थे। ईरानी 2024 में अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गईं थीं।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने खुलकर अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बात की। हाल ही में एक पॉडकास्ट में पहुंचीं ईरानी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी जिक्र किया और उनके साथ पार्टी के अनुभवों को भी साझा किया। स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्हें फडणवीस को देखकर गर्व होता है। खास बात है कि साल 2024 में उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद ईरानी राजनीति से दूर चल रही थीं।
टाइम्स नाउ से बातचीत में ईरानी से पूछा गया, 'आपको 2 साल में ऐसा कभी लगा कि राज्यसभा का रूट है मिल मतलब पार्टी चाहे तो दे सकती है।' उन्होंने कहा कि संगठन में पद का मतलब पहचान नहीं, बल्कि मौका होता है।
24 सालों की कहानी साझा की
स्मृति ईरानी ने कहा, 'नहीं नहीं नहीं हमारे आज संगठन यात्रा में जिन लोगों को मैंने देखा है 24 मुझे साल' हो गए इस संगठन में और लोग शायद इस बात को कहीं ना कहीं समझते नहीं है कि जब मैं पहली बार... हमारे लिए पद पहचान नहीं है, बल्कि मौका है।' उन्होंने कहा, 'मैं 2003 में पहली बार पदाधिकारी बनी भाजपा में युवा मोर्चा में महाराष्ट्र में मेरे साथ जो उपाध्यक्ष थे उनका नाम है देवेंद्र फडणवीस।'
देवेंद्र फडणवीस के साथ किया काम
उन्होंने कहा, 'आप सोचिए अब 24-25 साल के बच्चे बैठ के वहां पर हम उस वक्त देखा करते थे प्रमोद महाजन गोपीनाथ मुंडे नितिन गडकरी और हम में से किसी की भी मुझे आज भी याद है मैं और देवेंद्र फडनवीस जब हम मिलते हैं, हम हंसते हैं।'
भाजपा महासचिव ने कहा, 'हमने जीवन में नहीं सोचा था हम यहां तक पहुंचेंगे छोटा सा आपको उदाहरण देती हूं। 2004 में मैं चांदनी चौक लड़ी। वहां पे एक सज्जन है जो आज भी संगठन में है। वह सांसद हैं चांदनी चौक से प्रवीण खंडेलवाल। प्रवीण खंडेलवाल और उनकी टिकट कट गई थी। मुझे मिली थी और वो मेरे डमी कैंडिडेट बने थे जो आप भरते हैं फॉर्म अपना।'
प्रवीण खंडेलवाल का मुंह उतरा हुआ था
उन्होंने आगे बताया, 'तो प्रवीण जी का मुंह उतरा हुआ था और वो वर्षों से चांदनी चौक में रहे। उन्होंने वर्षों से वहां संगठन का काम किया। मैंने कहा साहब मेरे को तो ऐसे दे दिया पार्टी ने टिकट। वेंकैया जी तब अध्यक्ष थे और वेंकैया जी ने तो फरमान सुनाया था कि आपको यहां से लड़ना है खत्म। तो मैंने हाथ जोड़ के प्रवीण जी से माफी मांगी। मैंने कहा आपको एक दिन जरूर मिलेगी संगठन देगा आज वह सांसद हैं...।'
देवेंद्र फडणवीस को देखकर गर्व होता है
स्मति ईरानी ने कहा, '...आज जब मैं देवेंद्र फडनवीस को देखती हूं, तो गर्व होता है। कहां घूमते थे। मैं तो मतलब घर से पेट्रोल मनी मांगती थी और मुझे बोला जाता था यार तुम युवा मोर्चा वाले सारे घर से लेकर जाओगे।'
ईरानी ने साल 2024 में अमेठी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार किशोरी लाल के सामने हार गईं थीं। जबकि, 2019 में उन्होंने यहां से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हराया था।


