मंगेतर के लिए परफ्यूम लेने गया था रोहन पारेख, PM की सुरक्षा में चूक कर डाली; देखें कुंडली
लंदन में पढ़ाई कर लौटा रोहन पारेख अब पुलिस की गिरफ्त में है। आरोप हैं कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बनकर उस जगह जाने की कोशिश, जहां पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम होना था। उसके बंदूकधारी बॉडीगार्ड को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला तूल पकड़ रहा है। दरअसल, यह केस महाराष्ट्र के मुंबई स्थित जियो सेंटर प्लाजा में होने वाले इवेंट से जुड़ा है। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी अधिकारी बनकर घुसने की कोशिश करते हुए रोहन पारेख नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। खास बात है कि पीएम मोदी ने यहां मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था। रोहन के साथ एक और शख्स को गिरफ्तार किया है, जो उसका बॉडीगार्ड बताया जा रहा है।
कौन है रोहन पारेख
पारेख की उम्र 24 साल बताई जा रही है। वह एक हीरा कारोबारी का बेटा है। खास बात है कि उसके वकील का भी कोर्ट में कहना है कि शायद उसे भी धोखा दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, 'उसने लंदन में पढ़ाई की है और ड्रोन टेक्नोलॉजी को जानता है।' अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और बीएससी की डिग्री हासिल की है। फिलहाल, वह शेयर ब्रोकर का काम करता है।
आखिर हुआ क्या था क्यों पकड़ा गया
रोहन अपने दोस्त गणेश बागुल के साथ प्लाजा पहुंचा था। खास बात है कि इस दौरान उसका एक निजी बॉडीगार्ड भी साथ था, जो सेना से रिटायर्ड हो चुका है। उसकी पहचान 49 वर्षीय दिलीप कुंडे के रूप में हुई है और वह नाशिक का रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुंडे अपने साथ एक रिवॉल्वर लेकर चला रहा था।
वकील बोले- उसे भी बेवकूफ बनाया
जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो वकील ने भी रोहन की बचाव में धोखाधड़ी की ही दलील दे दी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके साथ भी धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह खुद ही धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं और करीब 2 सालों से यह मान रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा हुआ है।
वकील ने कहा कि पारेख से 2024 में तरुण गुप्ता नाम के एक शख्स ने संपर्क किया था। गुप्ता ने उसे पीएमओ में काम देने की पेशकश की और डिफेंस पॉलिसी से जुड़े हुए दस्तावेज भेजे थे। इसके बाद रोहन को एक ऑफर लेटर, आईडी कार्ड और पीएम मोदी के साइन के साथ एक लेटर भेजा गया था। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उसे कथित रूप से एक मेल मिला था, जिसे पीएम के अतिरिक्त सचिव की तरफ से भेजा गया था।
स्क्रीनशॉट पर कर लिया भरोसा
वकीलों की तरफ से दावे किए जा रहे हैं कि रोहन को कभी भी दस्तावेज नहीं मिले और वह स्क्रीनशॉट पर भरोसा कर रहा था। जियो प्लाजा जाने को लेकर वकीलों ने कोर्ट से कहा कि रोहन अपने निजी का से वहां गया था और उसकी पीठ में परेशानी है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम लेने गया था।
कहां तक पहुंची जांच
फिलहाल, इस मामले की जांच चल रही है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अब तक रोहन के अलावा कल्याण से कुंडे की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनके साथ मौजूद तीसरा शख्स बगुल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है। खास बात है कि पीएम मोदी की सुरक्षा में SPG यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप लगा होता है, जो तय कार्यक्रम से 5 दिन पहले ही जगह पर तैनात हो जाता है।


