छात्रों पर पैलेट गन क्यों? प्रियंका गांधी का सरकार से सवाल, CJP ने सुप्रीम कोर्ट की शर्तें ठुकराईं; टॉप-5

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Top News Today: मंगलवार को लोकसभा में प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा कि प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों पर पैलेट गन-आंसू गैस क्यों चले? क्या वे आतंकवादी थे? दूसरी ओर सीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट की राहत शर्तों को खारिज कर बिना शर्त मांगें पूरी करने की बात कही है।

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शाम की 5 बड़ी खबरें

लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए पूछा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया, क्या छात्र आतंकवादी थे और सरकार क्या नौजवानों से डरती है? उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से लाठीचार्ज और पैलेट गन के आदेश की जिम्मेदारी मांगी, साथ ही शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के बढ़ते अवसाद-आत्महत्या पर भी सवाल उठाए। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारियों को राहत देने की शर्तों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार को उनकी मांगें बिना किसी किंतु-परंतु के पूरी करनी चाहिए, हालांकि अदालत की अतिरिक्त राहत स्वीकार होगी। अदालत ने 18 साल से कम उम्र और बिना आपराधिक इतिहास वाले प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें शाम की बड़ी खबरें...

प्रधान हटाकर प्रधानमंत्री बचा लिए

लोकसभा में मॉनसून सत्र के दौरान पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान मंगलवार को सदन में हंगामे का माहौल रहा। दोपहर दो बजे के बाद शुरू हुई कार्यवाही में विपक्ष सरकार पर हमलावर दिखा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं ने सरकार को झुका दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो चढ़ावा चोर को नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक कैसे रोकेंगे? अखिलेश यादव ने आगे कहा कि एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया गया। सपा नेता ने विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो राम मंदिर में चढ़ावा चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक पाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...

पैलेट गन और आंसू गैस की क्या जरूरत थी?

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि क्या यह सरकार देश के नौजवानों से डरती है? अगर ऐसा नहीं है तो प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल की क्या जरूरत थी? क्या छात्र आतंकवादी थे? प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सवाल किया कि छात्रों पर आंसू गैस छोड़ने और लाठियां चलवाने की क्या आवश्यकता थी तथा किसने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में खामियां आई हैं, जिनके कारण सैकड़ों बच्चे आत्महत्या कर चुके हैं और कई अवसाद से जूझ रहे हैं। सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों को कमजोर किया है तथा परीक्षा प्रणाली फेल हो गई है। पढ़ें पूरी खबर...

सुप्रीम कोर्ट की शर्तें मंजूर नहीं: सीजेपी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई जा रही शर्तें उन्हें मंजूर नहीं हैं। पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने दो टूक कहा कि सर्वोच्च अदालत की शर्तें स्वीकार नहीं हैं और सरकार को उनकी मांगें बिना किसी शर्त के पूरी करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने के अलावा अगर सुप्रीम कोर्ट अतिरिक्त राहत दे तो वह स्वीकार होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 18 वर्ष से कम आयु के तथा बिना आपराधिक इतिहास वाले प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्देश दिया। पुलिस की कथित बर्बरता संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कई अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर...

विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरने से पूर्व मंत्री की मौत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लालबाग स्थित नए विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरकर पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की मृत्यु हो गई। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की परिस्थितियों का पता अभी नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं तथा जांच चल रही है। नानकदीन भुर्जी वर्तमान में भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारी थे। घटना की खबर फैलते ही परिवारीजन, करीबी और समर्थक हड़बड़ा गए। उनके बेटे भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पढ़ें पूरी खबर...

गौतम गंभीर के करीबी रयान टेन डोएशे का टीम इंडिया से नाता टूटा

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी रयान टेन डोएशे ने असिस्टेंट कोच का पद छोड़ दिया है। वे 2024 से टीम के साथ जुड़े थे। अब उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़ने की उम्मीद है। गंभीर ने उन्हें कोचिंग स्टाफ में शामिल किया था। तब वे केकेआर के फील्डिंग कोच थे। वे बैटिंग और फील्डिंग दोनों विभागों में कोचिंग देते रहे। इससे पहले टी दिलीप फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, रयान ने इंग्लैंड में सीमित ओवर सीरीज के बाद बीसीसीआई को पद छोड़ने की जानकारी दी। भारत को टी20 सीरीज में 4-0 तथा वनडे में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर...

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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