नीतीश कुमार पर राहुल गांधी का बड़ा दावा, बताया- सुशासन बाबू ने क्यों छोड़ी मुख्यमंत्री की कुर्सी? VIDEO
Rahul Gandhi Big Claim On Nitish Kumar: तमिलनाडु में एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार BJP से कम्प्रोमाइज्ड हो चुके थे, इसीलिए उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए।

Rahul Gandhi Big Claim On Nitish Kumar: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (20 अप्रैल ) को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और JDU अध्यक्ष नीतीश कुमार पर बड़ा दावा करते हुए NDA पर ज़ोरदार हमला बोला है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सुशासन बाबू यानी नीतीश कुमार ने भाजपा के दबाव में आकर बिहार के मुख्यमंत्री की गद्दी छोड़ी है। तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कम्प्रोमाइज्ड हो गए थे। यानी भाजपा के 'दबाव' में आ चुके थे। इसीलिए उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा।
तूतीकोरिन में सत्ताधारी DMK-कांग्रेस गठबंधन के लिए प्रचार करते हुए, राहुल ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा, "नीतीश कुमार ने भाजपा को एक शब्द भी नहीं कहा; वह चुपचाप सीएम की कुर्सी छोड़कर राज्यसभा चले गए।" कांग्रेस नेता ने BJP पर भी हमला बोलेते हुए कहा, "हम BJP को तमिलनाडु में ऐसी सरकार बनाने की इजाज़त कभी नहीं देंगे, जिसे वे अपने कंट्रोल में रख सकें।" उन्होंने कहा कि भाजपा तमिलनाडु में भी ऐसी ही सरकार चाहती है जिसे वह पूरी तरह से कंट्रोल कर सके। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार की ही तरह तमिलनाडु में एक ऐसा मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जिसे वह कंट्रोल में रख सके और ठीक वही करे, जो वे कहें।"
तमिलनाडु में बिहार मॉडल दोहराना चाहती है भाजपा: राहुल
राहुल ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के पिछले कार्यों ने भाजपा को उन पर पूरी तरह से कंट्रोल करने का मौका दिया और वे (भाजपा) तमिलनाडु में बिहार मॉडल को दोहराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि INDIA अलायंस ऐसा कभी होने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा तमिलनाडु में भी वही हथकंडे अपना रही है ताकि अपने सहयोगी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (AIADMK) के जरिए दिल्ली से राज्य पर शासन कर सके।
AIADMK ने भी भाजपा के सामने घुटने टेक दिए
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक ने भी अपने भ्रष्टाचार की वजह से इस भगवा पार्टी के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसका फ़ायदा उठाकर आरएसएस परोक्ष रूप से राज्य पर शासन करने की कोशिश कर रही है। भारत को एकजुट करने के लिए इसी ज़िले से शुरू की गई अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' को याद करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के सभी राज्यों को समान महत्व मिलना चाहिए और हर भाषा के पीछे एक इतिहास होता है, ठीक वैसे ही जैसे तमिल भाषा का इतिहास हज़ारों साल पुराना है।
दिल्ली से राज्य चलाने की कोशिश
भाजपा पर संविधान को न मानने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह भगवा पार्टी लोकतंत्र और संघीय सिद्धांतों को पूरी तरह से कमज़ोर करना चाहती है और दिल्ली से शासन करना चाहती है। संघर्ष-ग्रस्त मणिपुर में जारी अशांति का ज़िक्र करते हुए गांधी ने कहा कि कभी शांतिपूर्ण रहा यह राज्य अब गृहयुद्ध की चपेट में है और उन्होंने इस पूर्वोत्तर राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “उन्होंने वहाँ आग लगा दी है, सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और मणिपुर में गृहयुद्ध अभी भी जारी है... जहाँ भी उन्हें मौका मिलता है, वे सत्ता पर कब्ज़ा करने और दिल्ली से राज्य चलाने की कोशिश करते हैं।”
बिहार में पलटा सियासी गेम
बता दें कि हाल ही में JDU अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पहली बार राज्यसभा में एंट्री ली है। उनके इस कदम को व्यापक रूप से बिहार की राजनीति में उनके लंबे कार्यकाल के विदाई चरण के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार का बिहार से हटना राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ इसलिए भी है क्योंकि पहली बार राज्य में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री बना है। यह घटनाक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में 25 से 30 तक फिर से नीतीश का नारा लगा था और इसी भावना के तहत जनता ने NDA को बहुमत दिया था लेकिन पांच महीने बाद ही सियासी गेम पलट गया। नीतीश आउट हो गए और उनके डिप्टी सम्राट चौधरी सीएम बन गए।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


