जंगल में मिला बिना जहर वाला नया सांप, इस रॉकस्टार के नाम क्यों रखा नाम? मजेदार है वजह

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सांप की नई गैर-जहरीली प्रजाति मिली है, जिसका नाम Guns N’ Roses के गिटारिस्ट Slash के नाम पर Lielaphis slashi रखा गया है। जानिए वैज्ञानिकों ने रॉकस्टार के नाम को क्यों चुना और इस अनोखी खोज की पूरी कहानी।

स्लैश के नाम पर नई सांप प्रजाति: वैज्ञानिकों ने क्यों चुना Guns N’ Roses के गिटारिस्ट का नाम?
स्लैश के नाम पर नई सांप प्रजाति: वैज्ञानिकों ने क्यों चुना Guns N’ Roses के गिटारिस्ट का नाम?

न्यू गिनी के जंगलों में वैज्ञानिकों ने सांप की एक नई प्रजाति की पहचान की है। खास बात यह है कि इस छोटे और गैर-जहरीले सांप का नाम मशहूर रॉक बैंड गन्स एन रोजेज के गिटारिस्ट स्लैश के नाम पर रखा गया है। वैज्ञानिक नाम लीलफिस स्लैशी रखा गया है, जबकि इसे स्लैश्ज ग्राउंडस्नेक के नाम से भी जाना जा रहा है। वैसे गिटारिस्ट स्लैश का असली नाम सॉल हडसन है।

स्लैश के नाम पर ही क्यों रखा गया सांप का नाम?

इस नाम के पीछे वैज्ञानिक सारा रुएन की व्यक्तिगत कहानी भी जुड़ी है। वह शिकागो के फील्ड म्यूजियम में हर्पेटोलॉजी की एसोसिएट क्यूरेटर और इस प्रजाति पर प्रकाशित अध्ययन की वरिष्ठ लेखिका हैं।

रुएन को बचपन से ही सरीसृपों और गन्स एन रोजेज, दोनों में दिलचस्पी थी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही यह बैंड उनके पसंदीदा बैंड्स में शामिल था। करीब पांचवीं कक्षा तक उन्होंने तय कर लिया था कि वह हर्पेटोलॉजिस्ट बनेंगी- यानी सरीसृपों और उभयचरों का अध्ययन करने वाली वैज्ञानिक।

जब रुएन 12 साल की थीं, तब उन्हें रेप्टाइल्स मैगजीन का एक अंक मिला। इसके कवर पर स्लैश अपने पालतू रेटिकुलेटेड अजगर के साथ नजर आए थे। रुएन ने बाद में उनका इंटरव्यू पढ़ा, जिसमें स्लैश ने म्यूजियम, चिड़ियाघरों, प्राकृतिक इतिहास और बचपन में सांपों की तलाश करने में अपनी रुचि के बारे में बताया था। यही वजह थी कि जब रुएन और उनके सहयोगियों को नई प्रजाति के लिए नाम चुनना था, तो स्लैश का नाम उनके लिए स्वाभाविक विकल्प बन गया।

स्लैश ने सम्मान पर क्या कहा?

स्लैश ने इस सम्मान का स्वागत किया। फील्ड म्यूजियम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि न्यू गिनी के एक सांप का नाम उनके नाम पर रखा जाना उनके लिए बेहद सम्मान और विनम्रता की बात है। सांप के नाम का संबंध स्लैश के संगीत करियर से भी है। साल 1994 में उन्होंने Slash’s Snakepit नाम का रॉक बैंड बनाया था, जिससे उनका सांपों से जुड़ाव और भी खास हो जाता है।

न्यू गिनी में मिला छोटा सा सांप

नई प्रजाति न्यू गिनी के जंगलों से सामने आई है। यह बड़ा द्वीप ऑस्ट्रेलिया के उत्तर में स्थित है और इसका विभाजन इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी के बीच है। फील्ड म्यूजियम के मुताबिक, Lielaphis slashi करीब 28 इंच लंबा और लाल-भूरे रंग का है। यह गैर-जहरीला सांप है। इस सांप को वैज्ञानिकों ने पहली बार कई साल पहले देखा था, लेकिन तब यह पता नहीं था कि यह एक अलग और अब तक अनपहचानी गई प्रजाति है।

लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के हर्पेटोलॉजिस्ट क्रिस ऑस्टिन ने 2006 में न्यू गिनी में रात के समय फील्डवर्क के दौरान पहली बार इस सांप को देखा था। न्यू गिनी के ग्राउंडस्नेक रात में सक्रिय होते हैं और अक्सर सूर्यास्त के कुछ समय बाद बड़े पेड़ों के आधार के आसपास भोजन की तलाश करते हुए पाए जाते हैं।

हालांकि, शोधकर्ताओं को रात में काम करते समय सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि इस क्षेत्र में कुछ जहरीले सांप भी पाए जाते हैं, जो देखने में इन हानिरहित ग्राउंडस्नेक जैसे लग सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने कैसे साबित किया कि यह नई प्रजाति है?

सिर्फ किसी सांप का अलग दिखाई देना यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि वह नई प्रजाति है। शोधकर्ताओं ने इसके लिए कई स्तरों पर जांच की। अध्ययन के प्रमुख लेखक और फील्ड म्यूजियम के पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता तियानकी हुआंग के मुताबिक, टीम ने कई तरह के जेनेटिक विश्लेषण किए। समान सांपों के साथ इसके आनुवंशिक अंतर की जांच की। इसके शारीरिक लक्षणों का अध्ययन किया। स्केल की संख्या में अंतर को देखा। इसके आवास को समझने के लिए पारिस्थितिक मॉडलिंग का इस्तेमाल किया।

इन सभी आनुवंशिक, शारीरिक और पारिस्थितिक सबूतों को मिलाकर शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि Lielaphis slashi पहले से दर्ज प्रजातियों से पर्याप्त रूप से अलग है और एक अलग, अब तक अनपहचानी गई प्रजाति है।

क्या खाता है यह सांप?

वैज्ञानिक अभी भी Slash’s groundsnake के व्यवहार और जीवनशैली के बारे में बहुत कुछ जानने की कोशिश कर रहे हैं। रुएन के मुताबिक, इस जीनस के सांपों के मुंह के पिछले हिस्से में अपेक्षाकृत बड़े दांत होते हैं। उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि न्यू गिनी के ये ग्राउंडस्नेक छोटे, चिकनी त्वचा वाले छिपकलियों को पकड़ने और सरीसृपों के अंडे खाने के लिए इन दांतों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बोआ सांपों के विपरीत, इनके अपने शिकार को शरीर में लपेटकर दबाने के जरिए काबू करने की संभावना नहीं मानी जाती।

नई खोज सिर्फ नाम की वजह से खास नहीं

भले ही इस नई प्रजाति का नाम सुर्खियां बटोर रहा हो, लेकिन इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। यह खोज न्यू गिनी की जैव विविधता को सामने लाती है। सांप का प्राकृतिक आवास कॉफी की खेती और खनन जैसी गतिविधियों के दबाव का सामना कर रहा है। रुएन के मुताबिक, प्रजातियों को औपचारिक रूप से दर्ज करना संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैज्ञानिक उन जीवों की रक्षा या उनका अध्ययन नहीं कर सकते, जिनके अस्तित्व के बारे में अभी जानकारी ही नहीं है। इस तरह Lielaphis slashi का नाम एक तरफ रॉक संगीत के मशहूर गिटारिस्ट स्लैश से जुड़ता है, तो दूसरी तरफ न्यू गिनी में सामने आई एक नई प्रजाति को वैज्ञानिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाता है।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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