शादी के बाद पुरुष कर रहे ज्यादा खुदकुशी, विवाहेतर संबंध भी बड़ी वजह; NCRB के आंकड़े

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2022 के बाद से शादी संबंधित विवाद को लेकर पुरुष ज्यादा खुदकुशी कर रहे हैं। इससे पहले महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। आंकड़ों के मुताबिक ऐसे विवाद को लेकर रोज करीब 24 लोग खुदकुशी कर लेते हैं।

शादी के बाद पुरुष कर रहे ज्यादा खुदकुशी, विवाहेतर संबंध भी बड़ी वजह; NCRB के आंकड़े

देश में शादीशुदा पुरुषों की खुदकुशी के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 से अब तक यह आंकड़ा करीब दोगुना हो गया है। 10 साल पहले 2015 में एक साल में 2497 पुरुषों ने शादी से संबंधित मामलों या फिर पत्नी से विवाद को लेकर खुदकुशी की थी। वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4536 हो गया। इस रेट में 82 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

2022 में पलट गए आंकड़े

रिकॉर्ड के मुताबिक पहले पुरुषों की तुलना में शादी संबंधित मामलों को लेकर महिलाएं ज्यादा खुदकुशी करती थीं। वहीं 2022 में यह आंकड़ा ही पलट गया। 2024 में लगातार ऐसा देखा गया कि शादीशुदा जीवन में कलह को लेकर पुरुष महिलाओँ की तुलना में ज्यादा खुदकुशी कर रहे हैं। 2024 की बात करें तो शादी संबंधित मामलों में कुल 8524 लोगों ने खुदकुशी की। इनमें से 4536 यानी करीब 53 फीसदी पुरुष थे औ 3986 यानी करीब 46 फीसदी महिलाएं थीं।

2015 में खुदकुशी करने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में 61 फीसदी थी। हालांकि 2023 की तुलना में 2024 में शादी से जुड़े विवादों को लेकर खुदकुशी का आंकड़ा कम हुआ है। 2024 में खुदकुसी करने वाली महिलओं में से करीब दो तिहाई 30 साल से कम उम्र की थीं। वहीं पुरुषों की बात करें तो आधे से ज्यादा लोग 30 से ज्यादा की उम्र के थे। 40 फीसदी खुदकुशी करने वाले लोग 30 से 45 की उम्र के थे।

कम उम्र में महिलाएं ज्यादा करती हैं खुदकुशी

रिपोर्ट के मुताबिक 18 से 30 की उम्र में खुदकुशी करने के मामले में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। वहीं 30 से 40 की उम्र में पुरुष ज्यादा खुदकुशी करते हैं।

रोज 24 लोग कर लेते हैं खुदकुशी

रिपोर्ट के मुताबिक शादी या फिर पति-पत्नी के बीच विवाद को लेकर रोज करीब 23 लोग खुदकुशी करते हैं। इनमें से 12 पुरुष और 11 महिलाएं होती हैं। रोज होने वाली मौतों के औसत पर गौर करें तो रोज 30 से कम की उम्र के 5 पुरुष और 30 से ज्यादा उम्र वाले 6 पुरुष खुदकुशी करते हैं। 2019 से 2024 तक पांच साल में ऐसे खुदकुशी करने वालों की कुल संख्या 24335 थी।

क्यों खुदकुशी करते हैं शादीशुदा लोग

शादी या पति-पत्नी के बीच विवाद और खुदकुशी की मुख्य वजहों में दहेज, विवाहेतर संबंध, तलाक जैसे मुद्दे शामिल हैं। 2019 से 2024 तक कुल खुदकुशी के आंकड़ों को देखों तो करीब 18359 पुरुषों और 20485 महिलाओं ने खुदकुशी की है। 2024 में खुदकुशी के 8534 मामलों में से 3052 ऐसे थे जिनमें शादी के बाद सामंजस्य नहीं बन पाया।

उत्तर प्रदेश में होती हैं सबसे ज्यादा ऐसी खुदकुशी

उत्तर प्रदेश में लोग शादी संबंधित मामलों को लेकर सबसे ज्यादा खुदकुशी करतेहैं। 2024 में उत्तर प्रदेश में शादी के बाद सामंजस्य ना बनने की वजह से कुल 764 लोगों ने खुदकुशी की थी और इनमें से 394 पुरुष और 370 महिलाएं थीं। उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा नंबर महाराष्ट्र का आता है जहां 421 लोगों ने खुदकुशी की थी। विवाहेतर संबंधों को लेकर होने वाली खुदकुशी की दर काफी बढ़ गई है। 2014 में ऐसे मामले को लेकर 1624 लोगों ने खुदकुशी की थी।

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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