IPS की नौकरी छोड़ अन्नामलाई क्यों BJP में आए, कैलाश मानसरोवर यात्रा ने बदला मन
पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई अब एक बार फिर अपने फैसले से चौंका सकते हैं। अटकलें हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर नया दल बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि इसपर अगले कुछ दिनों में स्थिति साफ करेंगे।

तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के पोस्टर बॉय रहे अन्नामलाई अब अलग राजनीतिक दल बना सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों पर उन्होंने साफतौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वह आने वाले 2-3 दिनों में भाजपा छोड़ने तक का फैसला ले सकते हैं। चर्चा का मुद्दा है कि चर्चित पुलिस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने आखिर क्यों IPS की नौकरी छोड़ी और राजनीति में आने पर ऐसे राज्य में भाजपा में को चुना, जहां पार्टी का सियासी आधार बेहद सीमित है।
सिंघम वाली थी छवि
कर्नाटक पुलिस में अन्नामलाई की छवि सिंघम की थी। हालांकि, राजनीति में आने की इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने मई 2019 में पुलिस से इस्तीफा दे दिया था। खास बात है कि तब वह बेंगलुरु दक्षिण के उपायुक्त थे। जब उडुपी एसपी के तौर पर उनका तबादला किया गया था, तो क्षेत्र के लोगों ने इस फैसले के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था।
क्यों छोड़ी IPS
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उस समय कर्नाटक कैडर के 2011 बैच के इस अफसर ने अपने दोस्तों और शुभचिंतकों के नाम एक पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ने का फैसला उन्होंने जल्दबाजी में नहीं, बल्कि बहुत सोच-समझकर लिया है। इस बड़े फैसले के पीछे उन्होंने कुछ खास वजहें बताईं, जैसे पिछले साल की गई कैलाश मानसरोवर की यात्रा, जिसने जिंदगी को देखने और प्राथमिकताओं को समझने का उनका नजरिया बदल दिया। इसके अलावा दिसंबर 2018 में सीनियर आईपीएस ऑफिसर मधुकर शेट्टी की स्वाइन फ्लू से हुई अचानक मौत ने भी उनपर काफी असर डाला।
राजनीति में एंट्री
मई 2020 में एक फेसबुक लाइव सेशन के दौरान उन्होंने कहा था, 'मैं तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करने पर विचार कर रहा हूं और तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ूंगा...। राजनीति में आकर मैं सिस्टम में बदलाव करना चाहता हूं।'
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में उन्होंने तय नहीं किया था कि कहां जाएंगे। एक समय पर उन्होंने कह दिया था कि वह रजनीकांत की तरफ से बड़े ऐलान का इंतजार कर रहे थे और अगर वह पार्टी बनाते, तो पूर्व पुलिस अधिकारी इस पर फैसला लेते। हालांकि, रजनीकांत ने राजनीति को लेकर कोई फैसला नहीं लिया।
क्यों भाजपा को ही चुना
इसके तीन महीनों के बाद अन्नामलाई भाजपा में शामिल हो गए। तब अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'समय के साथ, मुझे यह महसूस होने लगा कि देश को सामाजिक बदलाव के साथ-साथ एक राजनीतिक बदलाव की भी ज़रूरत है। मुझे लगा कि बीजेपी मेरे लिए बिल्कुल सही है क्योंकि मेरे सिद्धांत उनके साथ मेल खाते हैं। वे नेताओं को उनकी योग्यता के आधार पर मंच प्रदान करते हैं। यह देश के लिए एक बड़े दृष्टिकोण वाली एक राष्ट्रवादी पार्टी है, यही वजह है कि मैंने इसमें शामिल होने का फैसला किया।'
नई पार्टी पर क्या है प्लान
अन्नामलाई ने दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह दो दिनों में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे। भाजपा नेता से जब संवाददाताओं ने पूछा कि अटकले हैं कि वह पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं और इसी सिलसिले में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करने जा रहे हैं तो उन्होंने कहा, 'कृपया प्रतीक्षा करें। हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे।'
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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