अपनी मां से क्यों बोले अभिजीत दीपके- अब पीछे नहीं हट सकता, लोग मेरा मजाक उड़ाएंगे
अभिजीत दीपके की एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ ‘कॉकरोच’ आंदोलन कुछ ही हफ्तों में देशव्यापी चर्चा का विषय बन गया। हालांकि खुद दीपके ने बताया कि भारत लौटने से पहले वे डरे हुए थे।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दीपके के लिए अमेरिका से भारत लौटने का फैसला आसान नहीं था। एक तरफ उन्हें खुद इस बात का डर था कि भारत लौटने के बाद उनकी जिंदगी बदल सकती है, वहीं दूसरी तरफ उनका परिवार भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित था। उनकी मां ने भी उन्हें भारत वापस न आने की सलाह दी थी। अब खुद दीपके ने अपनी मां की चिंताओं पर खुलकर बात की है।
बीबीसी के मुताबिक, अभिजीत दीपके की मां ने फोन पर रोते हुए उनसे कहा था कि वह भारत क्यों लौट रहे हैं। उन्हें डर था कि अभिजीत को जेल में डाला जा सकता है या उन पर हमला हो सकता है। लेकिन अभिजीत ने अपनी मां को साफ कर दिया कि अब वह पीछे नहीं हट सकते।
मां ने कहा- वापस क्यों आ रहे हो?
अभिजीत दीपके ने बताया कि जब उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया तो उनकी मां इस बात से काफी परेशान थीं। फोन पर बात करते हुए उनकी मां भावुक हो गईं और रोने लगीं। उन्हें आशंका थी कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उन्हें जेल में डाला जा सकता है या उन पर हमला हो सकता है।
अभिजीत ने माना कि उनके लिए भी यह फैसला डर से भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि वह झूठ नहीं बोलेंगे और भारत लौटने को लेकर डरे हुए थे। उनके मुताबिक, उन्हें कई रातों तक नींद नहीं आई और वह सोचते रहे कि अगर वह भारत लौटे तो उनकी जिंदगी बदल जाएगी।
‘अब पीछे नहीं हट सकता’
इसके बावजूद अभिजीत ने भारत लौटने का फैसला नहीं बदला। उनका कहना था कि अगर वह अमेरिका में ही बैठे रहते तो कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े लोगों को लगता कि उन्होंने उन्हें धोखा दिया है।
अभिजीत ने कहा कि लोग यह सोच सकते थे कि उन्होंने भारत आने की हिम्मत नहीं दिखाई और अमेरिका में ही छिपे रहे। इसी वजह से उन्होंने अपनी मां की चिंता के बावजूद वापस आने का फैसला किया। उनका कहना था कि अब वह पीछे नहीं हट सकते, क्योंकि ऐसा करने पर लोग उनका मजाक उड़ाएंगे।
आंदोलन के बाद बदली अभिजीत की जिंदगी
कुछ समय पहले तक अभिजीत बोस्टन में थे, जहां वह अपने कमरे में डॉक्यूमेंट्री देखते या लेक्चर अटेंड करते थे। अब वह एक ऐसे आंदोलन का चेहरा हैं, जिसके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए हैं।
अभिजीत के मुताबिक, उनके लिए यह बदलाव काफी अचानक हुआ। उन्होंने कहा कि दो-तीन महीने पहले तक उन्हें कोई नहीं जानता था, जबकि अब वह सैकड़ों लोगों और कैमरों से घिरे रहते हैं।
भारत लौटने का उनका फैसला भी इसी आंदोलन के प्रति अपनी जिम्मेदारी से जुड़ा था। वह नहीं चाहते थे कि उनके साथ जुड़े लोग यह महसूस करें कि आंदोलन शुरू करने के बाद उसका चेहरा मुश्किल समय में देश से बाहर ही रहा। इसी वजह से अपनी मां की चिंता और खुद के डर के बावजूद अभिजीत ने भारत लौटने का फैसला किया और साफ किया कि वह अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद 25 जुलाई को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।


