एपीजे अब्दुल कलाम के कदमों पर चलेंगे अन्नामलाई, जानकार क्यों बता रहे हैं इसे मास्टरस्ट्रोक

लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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भाजपा छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने अपनी राजनीति की दिशा तय कर दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बताए रास्ते पर चलेंगे। जानिए इसे क्यों बताया जा रहा है मास्टरस्ट्रोक…

एपीजे अब्दुल कलाम के कदमों पर चलेंगे अन्नामलाई, जानकार क्यों बता रहे हैं इसे मास्टरस्ट्रोक

अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ने के बाद नई पार्टी का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पॉलिटिकल आइडियोलॉजी का भी ऐलान कर दिया है। अन्नामलाई ने शु्क्रवार को लिखा कि वह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की विचारधारा का पालन करेंगे। उन्होंने कहाक वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम, एक्सीलेंस, समर्पण, बलिदान, एकता और राष्ट्रीयता के पर्याय रहे हैं। जानकारों का कहना है कि कलाम को तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में रखने की बात कहकर, अन्नामलाई ने एक तरह से मास्टरस्ट्रोक चल दिया है। अपनी इस्तीफे की स्वीकृति के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में, अन्नामलाई ने कहाकि ‘वी द लीडर’ नाम का उनका आंदोलन एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत कार्य करेगा। यह उनके द्वारा कोयंबटूर में स्थापित किया जाने वाला एक प्रशिक्षण और शोध संस्थान होगा।

कलाम के योगदान की तारीफ
अन्नामलाई ने कलाम के भारत और तमिलनाडु दोनों में योगदान की तारीफ की और उन्हें मानवतावादी, गौरवशाली तमिलियन और राष्ट्रवादी बताया। इसे अन्नामलाई की राजनीतिक स्थिति के अनुकूल बताया जा रहा है। कलाम की तरह, अन्नामलाई ने अक्सर यह तर्क दिया है कि अपनी तमिल विरासत पर गर्व और देश के प्रति प्रतिबद्धता परस्पर विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। कलाम को वैचारिक प्रतीक के रूप में चुनकर, अन्नामलाई अपनी राजनीति को राष्ट्रवाद, विकास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक सद्भाव के इर्द-गिर्द केंद्रित कर रहे हैं। भारत के मिसाइल मैन कलाम एक ऐसी सार्वजनिक हस्ती हैं जिन्हें राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक सीमाओं के परे सराहा जाता है।

आम आदमी की राजनीति
अन्नामलाई ने कहाकि वह आम आदमी की राजनीति लाने के उद्देश्य से एक नई राजनीतिक यात्रा शुरू कर रहे हैं। यह पारंपरिक व्यक्ति-प्रधान राजनीति से दूर होगी और चाटुकारिता और वंशानुगत सत्ता के खिलाफ होगी। इस तरह के नए राजनीतिक आंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह नाम के बारे में नहीं, बल्कि एक विचार के बारे में होगा। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने संबोधन में उनके राजनीतिक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहाकि आइए हम खुद को बदलें, और बदलाव स्वाभाविक रूप से होगा... आंदोलन का मूल सिद्धांत है कि खुद को बदलें और बदलाव लाएं (मारुवोम, मातृवोम)।

लोगों की जरूरतों का ख्याल
अन्नामलाई ने पंथवादी राजनीति से दूर जाने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह इसके बजाय आम आदमी की राजनीति करेंगे, जो लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन मौजूदा पार्टियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है। उन्होंने संबोधन में कहाकि हम यहां किसी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं हैं। सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टियां जो भी हों, उन्हें अपनी नीतियां व्यक्त करने दीजिए, और हम भी उचित समय पर अपनी नीतियां व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहाकि हमारी राजनीति सिर्फ विरोध करने के लिए नहीं है।

पूर्व आईपीएस ने आगे कहाकि तमिलनाडु में हम द्रमुक, अन्नाद्रमुक, एनटीके, सीमन (एनटीके के संस्थापक), अंबुमणि (पीएमके नेता), जी.के. वासन (टीएमसी नेता), ए.सी. शणमुगम, पारिवेंधर, जॉन पांडियन, कृष्णासामी, वाइको, प्रेमलता मैडम को जिस नजरिए से देखते हैं, ठीक उसी नजरिए से मैं भारतीय जनता पार्टी को देखूंगा। अन्नामलाई ने कहाकि तमिल संस्कृति के अनुसार, उनका सिद्धांत किसी संगठन को सम्मानपूर्वक सूचित करके उससे बाहर निकलना था और उन्होंने भाजपा से अपने प्रस्थान को तमिल सद्गुण का विस्तार बताया।

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Deepak Mishra

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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