Explainer: बौद्ध धर्म का पतन मुसलमानों के आक्रमण से हुआ; भीमराव आंबेडकर ने ऐसा क्यों कहा, बुत की परिभाषा भी बताई थी
बौद्ध मत के पतन को लेकर भीमराव आंबेडकर ने इस्लामी आक्रमणकारियों को जिम्मेदार बताया था। उनका कहना था कि इस्लाम ‘बुत’ के शत्रु के रूप में प्रकट हुआ। ‘बुत’ शब्द, जैसा कि लोग जानते हैं, अरबी भाषा का शब्द है और इसका अर्थ ‘मूर्ति’ है।

भारत में बौद्ध मत किस तरह से कमजोर होता गया और उसके अनुयायियों और धार्मिक स्थलों की संख्या कम होती चली गई। इसे लेकर हमेशा ही एक बहस होती रही है। कई तरह के दावे रहे हैं। इस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का विचार भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बौद्ध धर्म के पतन के लिए मुसलमानों के आक्रमण को सबसे बड़ी वजह बताया था। उन्होंने क्रांति तथा प्रतिक्रांति बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स नाम की पुस्तक में इस पर विस्तार से प्रकाश डाला है। उनका कहना था कि बौद्ध धर्म के पतन पीछे मुसलमानों के हमले एक बड़ी वजह यह थी कि वह 'बुत' के शत्रु के रूप में प्रकट हुआ।
आंबेडकर लिखते हैं, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत में बौद्ध धर्म का पतन मुसलमानों के आक्रमणों के कारण हुआ था। इस्लाम ‘बुत’ के शत्रु के रूप में प्रकट हुआ। ‘बुत’ शब्द, जैसा कि लोग जानते हैं, अरबी भाषा का शब्द है और इसका अर्थ ‘मूर्ति’ है। इसके बाद भी बहुत से लोगों को यह पता नहीं है कि ‘बुत’ शब्द की व्युत्पत्ति कहां से हुई है। ‘बुत’ शब्द अरबी भाषा में बुद्ध का बिगड़ा हुआ रूप है। इस प्रकार इस शब्द की व्युत्पत्ति से यह पता चलता है कि मुसलमान विचारकों की दृष्टि में मूर्तिपूजा और बौद्ध धर्म, दोनों एक-दूसरे के पर्याय हैं। मुसलमानों के लिए मूर्तिपूजा तथा बौद्ध धर्म एक जैसे ही थे। इस प्रकार मूर्तिभंजन करने का लक्ष्य बौद्ध धर्म को नष्ट करने का लक्ष्य बन गया।'
'इस्लाम जहां भी गया, वहां बौद्ध मत को नष्ट किया'
इसके आगे वह लिखते हैं, 'इस्लाम ने बौद्ध धर्म को केवल भारत में ही नष्ट नहीं किया बल्कि वह जहां भी गया, वहां उसने बौद्ध धर्म को मिटाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। इस्लाम धर्म के अस्तित्व में आने से पहले बौद्ध धर्म बैक्ट्रिया, पार्थिया, अफगानिस्तान, गांधार तथा चीनी तुर्किस्तान का धर्म था और एक प्रकार से यह धर्म समस्त एशिया में फैला हुआ था। इन सब देशों में इस्लाम ने बौद्ध धर्म को नष्ट किया।' इस तर्क को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने विन्सेंट स्मिथ के इस कथन का भी जिक्र किया था- ‘मुसलमान आक्रमणकारियों ने अनेक स्थानों पर जो भीषण अत्याचार किए, वे रूढ़ीवादी हिंदुओं द्वारा किए गए अत्याचारों से कहीं अधिक प्रबल थे और भारत के कई प्रांतों से बौद्ध धर्म के विलुप्त होने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।’
बौद्ध मत कमजोर हुआ तो हिंदू धर्म कैसे बचा? तीन कारण भी बताए
अब एक सवाल और उठता है कि जब बौद्ध मत को इतना बड़ा नुकसान इस्लामी आक्रमणकारियों के चलते हुए तो फिर हिंदू धर्म कैसे बच पाया। इसका जवाब भीमराव आंबेडकर ने ही दिया है और तीन कारण भी बताए हैं। उन्होंने कहा कि एक वजह यह थी कि जब इस्लामी आक्रमण हुए तो ब्राह्मणवाद को राज्य की सहायता व समर्थन प्राप्त था। इसके अलावा बौद्धों के पौरोहित्य को इस्लाम की तलवार ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस तरह उनकी धार्मिक विद्या का नुकसान हुआ और वह दोबारा पहले जैसी पनप नहीं पाई। तीसरा कारण वह बताते हैं कि ब्राह्मणवादी शासकों ने बौद्धों पर अत्याचार किए थे और इसके चलते उन्होंने बड़ी संख्या में इस्लाम को स्वीकार कर लिया।
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