किसकी एक गलती से गई 260 लोगों की जान, Air India हादसे की जांच रिपोर्ट कब? AAIB ने SC को बताया
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने स्पष्ट किया कि विमान दुर्घटनाओं की जांच के लिए देश और दुनिया में एक बेहद सुदृढ़ और व्यवस्थित कानूनी ढांचा मौजूद है।

Air India Plane Crash: अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इस दर्दनाक हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट का मसौदा आगामी अक्टूबर तक तैयार होने की पूरी संभावना है। यह जानकारी कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में दी है, जिसमें हादसे की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की याचिकाओं का कड़ा विरोध किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने स्पष्ट किया कि विमान दुर्घटनाओं की जांच के लिए देश और दुनिया में एक बेहद सुदृढ़ और व्यवस्थित कानूनी ढांचा मौजूद है। इसके तहत विमान हादसों की जांच करने का प्राथमिक और विशेष अधिकार केवल AAIB के पास है। ऐसे में इस मामले की जांच के लिए किसी दूसरे समांतर जांच संस्था या समिति के गठन का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है। यह कानून अपने आप में पूर्ण है और इसमें कोई खामी नहीं है।
CVR को सार्वजनिक करने से इनकार
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की रिकॉर्डिंग और उससे जुड़े डेटा को सार्वजनिक करने या उन्हें सौंपने की मांग की थी। AAIB ने इस मांग का पुरजोर विरोध किया है। ब्यूरो ने कहा कि विमान दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच नियम, 2025 के नियम 17(5) के तहत कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और उड़ान के दौरान की इमेज रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने पर पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध है। नियम 17(1) और शेड्यूल सी के तहत इन संवेदनशील डेटा को सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखा जाता है, इसलिए याचिकाकर्ताओं की यह मांग कानून के सर्वथा खिलाफ है।
क्या था पूरा मामला?
यह याचिकाएं जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की उड़ान AI171 के भीषण क्रैश के संदर्भ में दायर की गई हैं। लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय में नियंत्रण खो बैठा और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी। कुल मिलाकर इस हादसे में 260 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
याचिकाओं में क्या मांग की गई है?
हादसे में जान गंवाने वाले मुख्य पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं।याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र और तकनीकी रूप से सक्षम समिति बनाने की मांग की है। उन्होंने AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें बिना किसी पुख्ता सबूत के सारा दोष पायलटों की गतिविधियों पर मढ़ने का प्रयास किया गया था।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
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