कौन थे सबसे पहले भारत का संविधान लिखने वाले बीएन राउ? दो महीने में ही तैयार कर दिया था ड्राफ्ट

Feb 28, 2026 08:39 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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संविधान प्रारूप समिति में सलाहकर के तौर पर शामिल बीएन राउ ने दो महीने में ही संविधान का पहला ड्राफ्ट तैयार कर दिया था। इसी के आधार पर आगे का काम किया गया। उन्होंने कई देशों में जाकर संविधान की तैयारी की थ। 

कौन थे सबसे पहले भारत का संविधान लिखने वाले बीएन राउ? दो महीने में ही तैयार कर दिया था ड्राफ्ट

संविधान निर्माण की बात आती है तो लोगों के मन में पहला नाम बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का आता है। संविधान बनाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। हालांकि बाबासाहेब के अलावा भी कई ऐसे लोग थे जिनका संविधान निर्माण में अहम योगदान था। संविधान को सात सदस्यों की एक तदर्थ समिति ने लिखा था और इसके अध्यक्ष बाबासाहेब थे। इसी समिति में बेनेगल नरसिंह राव भी थे जो कि संविधान लिखने का काम कर रहे थे। उन्होंने संविधान को जल्द लिखने में तो सहयोग दिया ही हाथ ही वह आजादी से पहले भी नीति निर्माण की गतिविधियों में शामिल थे। वह दुनियाभर में कानून और संविधान के जानकारों से बातचीत कर रहे थे।

राव ने राजनीति के प्लैटफॉर्म पर आकर कभी भाषण नहीं दिए और ना ही सार्वजनिक रूप से कोई बात रखी। उनका जन्म 1887 में मैंगलोर में हु था। उनके पिता एक डॉक्टर और शिक्षाविद थे। पंडित नेहरू राव की काफी तारीफ किया करते थे। उन्होंने राव को बहुत चतुर और बुद्धिमान व्यक्ति कहा था। 1970 में राव सिविल सर्विस में शामिल हुए थे। उस सयम यह परीक्षा सबसे कठिन हुआ करती थी। इसमें भारत के लोग मुश्किल से ही शामिल हो पाते थे।

बीएन राव ने तैयार किया संविधान का पहले ड्राफ्ट

1930 के आसपास सरकार ने उन्हें गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ऐक्ट में संशोधन करने का काम सौंपा था। बाद में राव कलकत्ता हाई कोर्ट के जज बन गए। 1944 में उन्होंने जम्मू और कश्मीर के प्रधानमंत्री के तौर पर भी काम किया। 1947 में उन्हें संविधान सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। इसके बाद राव ने ही संविधान का पहले ड्राफ्ट तैयार किया था। इस दौरान वह अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और कनाडा भी गए। उन्होंने जानकारों और जजों से मुलाकात की और उनसे कई सवालों के जवाब हासिल किए।

दो महीने में ही तैयार हो गया पहला ड्राफ्ट

बीएन राव ने पहला ड्राफ्ट मात्र दो महीने में तैयार कर दिया था। इसमें 240 आर्टिकल और 13 अनुसूचियां थीं। यह भारत के संविधान का पहला पूर्ण स्वरूप था। इसके आधार पर ही ड्राफ्टिंग कमेटी ने आगे का काम शुरू किया। राव का मानना था कि अधिकारों का वादा केवल कागज प नहीं होना चाहिए बल्कि इसे लागू भी करना चाहिए। लोगों के पास सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का अधिकार होना चाहिए। इसी विचार से आर्टिकल 32 बनाया गया।

बता दें कि आज भारत का संविधान दुनिया के सबसे बड़े लिखित संविधानों में है। इसमें 448 आर्टिकल, 25 खंड, 12 अनुसूची और 105 संशोधन शामिल हैं। संविधान बनने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. रजेंद्र प्रसाद ने राव को धन्यवाद दिया था और कहा था कि उनके ज्ञान और प्रयास की वजह से यह संविधान तैयार हो पाया है। उन्होंने कहा था कि संविधान निर्माण को लिए धन्यवाद के अधिकारी राउ ही हैं। तब तक राउ संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि बन चुके थे।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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