कौन थे बलबीर पुंज? 76 की उम्र में निधन, PM मोदी ने जताया शोक
बलबीर पुंज को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने हमेशा तथ्यों और शोध पर आधारित राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने विशेष रूप से बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और युवाओं के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देश के जाने-माने पत्रकार, प्रखर विचारक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज का शनिवार को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता और राजनीति के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बलबीर पुंज न केवल एक सक्रिय राजनेता थे, बल्कि एक प्रभावशाली लेखक और सामाजिक टिप्पणीकार के रूप में भी उनकी एक विशिष्ट पहचान थी।
बलबीर पुंज ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वे लंबे समय तक 'द इंडियन एक्सप्रेस' समूह से जुड़े रहे। पत्रकारिता के दौरान उन्होंने देश के सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी पैनी लेखनी से गहरा प्रभाव छोड़ा। उनकी चर्चित पुस्तकों में 'ट्रिस्ट विद अयोध्या: डीकोलोनाइजेशन ऑफ इंडिया' और 'नैरेटिव का मायाजाल' शामिल हैं, जिनमें उन्होंने भारतीय समाज और वैचारिक विमर्श का गहराई से विश्लेषण किया है।
बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति का रुख किया और भाजपा के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वे राज्यसभा सांसद रहे और पार्टी के भीतर विभिन्न महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर कार्य किया। उन्होंने गुजरात सहित कई राज्यों के प्रभारी के रूप में भाजपा को मजबूती प्रदान की।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से बलबीर पुंज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उन्हें एक 'प्रखर लेखक और सार्वजनिक बुद्धिजीवी' बताया। प्रधानमंत्री ने लिखा, "बलबीर पुंज जी एक विपुल लेखक, विचारक और सार्वजनिक बौद्धिक व्यक्तित्व थे। मीडिया में उनका योगदान अतुलनीय है। उनके लेखन में राष्ट्रीय पुनरुत्थान के प्रति उनका जुनून स्पष्ट झलकता था। संसद में उनके हस्तक्षेप तथ्यों और सिद्धांतों से भरपूर होते थे। उन्होंने छात्रों, पेशेवरों और विद्वानों के बीच भाजपा को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए।" पीएम मोदी ने उन दिनों को भी याद किया जब पुंज गुजरात के प्रभारी थे। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुई चर्चाएं हमेशा यादगार रहेंगी।
कौन थे बलबीर पुंज?
बलबीर पुंज को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने हमेशा तथ्यों और शोध पर आधारित राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने विशेष रूप से बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और युवाओं के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन को वैचारिक और राजनीतिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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