कौन है भगोड़ी विशाखा राठौड़? दुबई से पकड़ लाई CBI, करोड़ों का चूना लगाकर हुई थी फरार

लाइव हिन्दुस्तान, पुणे
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सीबीआई ने यूएई से 'रेड नोटिस' भगोड़ी विशाखा राठौड़ को डिपोर्ट कराकर भारत लाया है। फिक्स्ड रिटर्न के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपी को पुणे पहुंचते ही महाराष्ट्र पुलिस ने कस्टडी में ले लिया।

CBI का बड़ा एक्शन: 'रेड नोटिस' वाली भगोड़ी विशाखा राठौड़ UAE से डिपोर्ट, महाराष्ट्र पुलिस की कस्टडी में आरोपी
CBI का बड़ा एक्शन: 'रेड नोटिस' वाली भगोड़ी विशाखा राठौड़ UAE से डिपोर्ट, महाराष्ट्र पुलिस की कस्टडी में आरोपी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वित्तीय धोखाधड़ी की वॉन्टेड और भगोड़ी आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाया गया है। इंटरपोल के 'रेड नोटिस' पर वॉन्टेड इस आरोपी को 3 अगस्त को वापस लाया गया। पुणे पहुंचते ही महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने इस अहम कार्रवाई को विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।

कौन है भगोड़ी विशाखा राठौड़?

विशाखा राठौड़ पुणे (महाराष्ट्र) की एक भगोड़ी आरोपी है। उसके पति का नाम अविनाश अर्जुन राठौड़ है। दोनों पुणे के बनेर क्षेत्र में स्थित APS Wealth Ventures LLP नामक कंपनी के निदेशक/संचालक बताए जाते हैं। कंपनी दिसंबर 2020 में पंजीकृत हुई थी। मूल रूप से वे अमरावती के रहने वाले हैं और पुणे के रावेत में आनंदबन सोसायटी में रह रहे थे।

अप्रैल 2023 में पुणे के एक पुलिस थाने में FIR दर्ज हुई। आरोप है कि दंपति ने निवेशकों को निश्चित मासिक रिटर्न का झूठा वादा कर कई स्कीमों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। औपचारिक समझौते भी हुए, लेकिन वादा किए गए रिटर्न नहीं दिए गए और निवेश की राशि भी वापस नहीं की गई। इससे पहले पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने जरूरी अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद, 88 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट फ्रॉड केस के मास्टरमाइंड अविनाश अर्जुन राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार किया था।

क्या है पूरा मामला?

सीबीआई के मुताबिक, यह मामला एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। आरोप है कि विशाखा राठौड़ ने निवेशकों को हर महीने पक्के मुनाफे यानी फिक्स्ड मंथली रिटर्न का झूठा लालच दिया था।

इस फर्जीवाड़े में निवेशकों को अलग-अलग स्कीम्स में पैसा लगाने के लिए उकसाया गया। इसके बाद आरोपी ने बेईमानी से इस निवेश की रकम को हड़प लिया और कई बैंक व डीमैट खातों के जरिए इस पैसे को दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया।

एजेंसियों का जाल और इंटरपोल का एक्शन

जांच आगे बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (INTERPOL) के जरिए राठौड़ के खिलाफ 'रेड नोटिस' जारी किया गया था। इसी नोटिस की मदद से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर आरोपी का पता लगाने और उसे भारत लाने का रास्ता साफ हुआ।

सीबीआई, जो कि भारत में इंटरपोल से जुड़े मामलों की नोडल एजेंसी है, वह लगातार कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अथॉरिटीज के साथ मिलकर भगोड़े अपराधियों को वापस लाने के लिए काम कर रही है।

विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से यह डिपोर्टेशन सफल हो सका। यह कार्रवाई गंभीर आर्थिक अपराधों में शामिल भगोड़ों को कानूनी कटघरे में खड़ा करने के लिए एजेंसियों के बेहतरीन आपसी समन्वय की मिसाल है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल आरोपी विशाखा राठौड़ मामले में आगे की जांच और जरूरी कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस की कस्टडी में है। अधिकारियों ने सख्त संदेश देते हुए दोहराया है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विदेश भागने वाले अपराधियों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें स्थापित कानूनी और कूटनीतिक रास्तों के जरिए वापस लाने के लिए एजेंसियां पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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