कौन हैं सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय, जो बने SCBA प्रेसिडेंट, बीजेपी नेता गौरव भाटिया चौथे नंबर पर रहे
प्रदीप राय भारत के सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं, जिन्हें 2026–2027 के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) का प्रेसिडेंट चुना गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के चुनाव में वरिष्ठ वकील प्रदीप राय प्रेसिडेंट नियुक्त हुए हैं।

हाल ही में हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के चुनाव में वरिष्ठ एडवोकेट प्रदीप राय प्रेसिडेंट नियुक्त हुए हैं। राय ने अध्यक्ष पद के चुनाव में 822 वोट हासिल किए। अन्य उम्मीदवारों में अनुपम लाल दास को 451 वोट मिले। इसके अलावा आदिश अग्रवाल (412) वोट मिले। वहीं, वरिष्ठ वकील और भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया (370) वोटों के साथ चौथे नंबर पर रहे। इसके अलावा, नतीजों में सुकुमार पट्टजोशी (269), सिद्धार्थ मृदुल (217) और महालक्ष्मी पावनी को 128 को वोट मिले। वरिष्ठ वकील राहुल कौशिक एससीबीए के उपाध्यक्ष और वकील प्रज्ञा बघेल सचिव निर्वाचित हुई हैं। अमरेंद्र कुमार सिंह को कोषाध्यक्ष और अधिवक्ता मनीष दुबे को संयुक्त सचिव चुना गया है।
कौन हैं प्रदीप राय, जो बने प्रेसिडेंट
प्रदीप राय भारत के सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं, जिन्हें 2026–2027 के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) का प्रेसिडेंट चुना गया है। इससे पहले उन्होंने SCBA के वाइस-प्रेसिडेंट के तौर पर लगातार दो टर्म (2020–2021 और 2021–2022) काम किया था। राय इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ (ISIL) के वाइस-प्रेसिडेंट और इंडिया लीगल एड सेंटर और ILRF के चेयरमैन के तौर पर काम करते हैं।
प्रदीप राय की वेबसाइट के अनुसार, उनका काम कॉन्स्टिट्यूशनल इंटरप्रिटेशन, कानूनी कंस्ट्रक्शन, रेगुलेटरी सिस्टम, कमर्शियल विवाद और इंस्टीट्यूशनल गवर्नेंस से जुड़ा हुआ है। एक्टिव लिटिगेशन के साथ-साथ, वे लीगल स्कॉलरशिप, स्ट्रक्चर्ड रिसर्च और कानून और पॉलिसी के सवालों पर पब्लिक डिस्कोर्स में योगदान देने वाली पहलों से जुड़े रहे हैं। वह पिछले ढाई दशकों से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। 30 हजार से ज्यादा लीगल प्रोफेशनल्स को मेंटर कर चुके हैं, जबकि 70 हजार से ज्यादा कानूनी मदद के मामले निपटाए गए हैं।
विकास सिंह थे SCBA प्रेसिडेंट
अभी तक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट वरिष्ठ वकील विकास सिंह थे। सिंह भारत के सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एक जाने-माने सीनियर एडवोकेट हैं, जिन्हें बार में 35 साल से ज्यादा का अनुभव है। वे 2005 से 2008 तक भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रहे हैं और तीन बार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चुने गए हैं। कानून और पब्लिक लाइफ के क्षेत्र में उनका योगदान बहुत अहम है। भारत सरकार के लॉ ऑफिसर के तौर पर सिंह ने कई मामलों में सरकार का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया, जिसमें कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ, कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवाद, सर्विस मामले, टैक्सेशन, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, कंपनी लॉ, जासूसी, सरकारी पॉलिसी, प्रिवेंटिव डिटेंशन और भी बहुत कुछ शामिल हैं।


