
कौन हैं गोवा के नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा? बताया जा रहा 25 मौतों को जिम्मेदार
गोवा नाइटक्लब में आग के बाद लापरवाही के आरोप में क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और जनरल मैनेजर विवेक सिंह को गिरफ्तार किया गया है। सीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
गोवा के नाइटक्लब में आग लगने के बाद कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना की मजिस्टीरियल इन्क्वायरी के आदेश धिए हैं। क्लब के मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी भयंकर आग कैसे लगी? क्या नाइट क्लब में सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त नहींथे? शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह क्लब बिना लाइसेंस के ही बना दिया गया था। इसके अलावा इसके छोटे दरवाजे और भी खतरनाक थे।

कौन हैं सौरभ लूथरा?
अरपोरा नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने बताया कि क्लब की जिम्मेदारी सौरभ लूथरा के हाथों में थी। वह रोमियो लेन चेन के फाउंडर और प्रबंध निदेशक हैं। सौरभ इंजीनियर से बने हुए आंत्रप्रेन्योर है। उन्होंने बिर्च, रोमियो लेन, मामाज बुओई जैसे ब्रैंड लॉन्च किए हैं। वह पूरे भारत में 50 रेस्तरां खोलना चाहते थे। सौरभ लूथरा के साथ जनरल मैनेजर विविक सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि इस क्ल्ब के लिसए पंचायत ने डिमोलिशन नोटिस जारी कर दिया था. हालांकि बाद में पंचायत के डायरेक्ट्रेट ने इसपर रोक लगा दी। घटना के पीड़ितों के रिश्तेदार और परिचित एक सरकारी अस्पताल के शवगृह के बाहर एकत्र होकर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने का रविवार को बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। झारखंड के कुछ लोगों ने कहा कि वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे और उन्होंने मांग की कि नाइट क्लब मालिक शवों को घर वापस भेजे जाने की व्यवस्था करें।
उन्होंने बताया कि उनके मूल निवास के चार लोग उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित उस नाइट क्लब में सहायक और रसोइये के रूप में काम करते थे, जहां शनिवार आधी रात के बाद लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान चली गई और छह अन्य घायल हो गए। झारखंड के मजदूरों का एक समूह अपने परिजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए सुबह से ही पणजी के पास गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के शवगृह के बाहर बैठा है।
गोवा पुलिस के कर्मी ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुई इस घटना के बाद शवगृह में रखे शवों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कुछ शव जले हुए हैं। पुलिस ने बताया कि 25 मृतकों में चार पर्यटक और 14 कर्मचारी शामिल हैं। शेष सात की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी शवों की पहचान करने और पोस्टमॉर्टम करने में एक दिन लगेगा, उसके बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। जीएमसीएच के फॉरेंसिक विभाग के सूत्रों ने बताया कि पुलिस द्वारा पंचनामे की औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।





