कौन हैं संजीव सान्याल, जिन्हें नंदीग्राम से चुनाव लड़ा सकती है BJP? PM मोदी के सलाहकार बन सकते हैं बंगाल के वित्त मंत्री
भाजपा पहले भी अनुभवी अफसरों और विशेषज्ञों को राजनीति में बड़ी जिम्मेदारियां देती रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इसके बड़े उदाहरण हैं। अब संजीव सान्याल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब राज्य के अगले वित्त मंत्री को लेकर नई खबरें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और जाने-माने अर्थशास्त्री संजीव सान्याल बंगाल के अगले वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। रिपोर्ट्स की माने तो भाजपा इस विकल्प पर फिलहाल विचार कर रही है। ऐसे में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि संजीव सान्याल को भाजपा नंदीग्राम सीट से विधायक बना सकती है।
राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तब शुरू हुई जब बीते 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद संजीव सान्याल ने सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प पोस्ट किया था। उन्होंने एक अंग्रेजी कहावत को शेयर किया था जिसका मतलब है, “समय का पहिया धीरे ही सही, पर घूमता जरूर है।” विशेषज्ञ इसे सान्याल की राजनीति में एंट्री का संकेत मान रहे हैं। इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव में 2 सीटें जीतने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखी है। ऐसे में माना जा रहा है कि नंदीग्राम उपचुनाव में संजीव सान्याल को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने छोड़ी नंदीग्राम सीट
बता दें कि बंगाल में भाजपा की जीत के बाद फिलहाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ सिर्फ पांच मंत्रियों ने शपथ ली है। वित्त मंत्रालय अभी शुभेंदु अधिकारी के पास ही है। उनके पास गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वाणिज्य विभाग भी हैं। संजीव सान्याल अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में भी नजर आए थे, जहां वह पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता में नजर आए। उनकी पत्नी स्मिता बरुआ भी उनके साथ थीं। माना जाता है कि महिला वोटरों तक बीजेपी की पहुंच मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। समारोह के बाद सान्याल ने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा, “इतिहास बनते देखा।”
मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि बीजेपी पहले भी अनुभवी अफसरों और विशेषज्ञों को राजनीति में बड़ी जिम्मेदारियां देती रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इसके बड़े उदाहरण हैं। अब टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक संजीव सान्याल भी राजनीति में एंट्री ले सकते हैं। चुनाव नतीजों के बाद संजीव सान्याल ने लगातार कई इंटरव्यू दिए हैं। इनमें वह बंगाल की खराब आर्थिक हालत और उसे सुधारने के रास्तों पर बात कर रहे हैं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “कोलकाता खुद नहीं मरा, उसकी हत्या की गई और मैं इसका गवाह हूं।” उन्होंने बंगाल में बीजेपी नेताओं पर हुए हमलों और शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।
कौन हैं संजीव सान्याल?
संजीव सान्याल का जन्म 1970 में कोलकाता में हुआ था। उन्होंने सेंट जेवियर्स और सेंट जेम्स स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद 1989 में वह दिल्ली आए और आगे की पढ़ाई वहीं से पूरी की। बाद में वह ऑक्सफोर्ड भी गए। 2017 में वह डॉयचे बैंक की नौकरी छोड़कर केंद्र सरकार से जुड़े और वित्त मंत्री के प्रधान आर्थिक सलाहकार बने। 2017 से 2022 के बीच उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण के 6 रिपोर्ट तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद का पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया। इसके अलावा उनका इतिहास से भी पुराना नाता है। संजीव सान्याल क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल के रिश्तेदार हैं, जिन्हें भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद का मार्गदर्शक माना जाता है। वहीं उनके परदादा नलिनाक्ष सान्याल अविभाजित बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।
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लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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