Hindi NewsIndia NewsWho is RPF Chindana Sinha She rescued 1500 children in 3 years and received the railway highest honor
कौन हैं चिंदना सिन्हा, 3 साल में 1500 बच्चों को बचाया; मिला रेलवे का सबसे बड़ा सम्मान

कौन हैं चिंदना सिन्हा, 3 साल में 1500 बच्चों को बचाया; मिला रेलवे का सबसे बड़ा सम्मान

संक्षेप:

चंदना सिन्हा के लिए यह पुरस्कार महज एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। पुरस्कार ग्रहण करने के कुछ ही घंटों बाद जब वे लखनऊ लौटीं, तो उन्हें सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर एक बच्चा अकेला बैठा है।

Jan 18, 2026 06:24 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

रेलवे स्टेशन अक्सर भीड़भाड़ और शोरगुल वाली जगह होते हैं, जहां हजारों लोग अपनी मंजिल की ओर दौड़ते हैं। लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ ऐसी आंखें भी हैं जो उस खामोश डर को पहचान लेती हैं, जिसे आम आदमी नजरअंदाज कर देता है। ये आंखें हैं आरपीएफ (RPF) इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा की, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क से 1,500 से अधिक बच्चों को तस्करों और अंधेरे भविष्य के चंगुल से बचाया है। उनकी इसी असाधारण सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें 9 जनवरी 2026 को दिल्ली में रेलवे के सर्वोच्च सम्मान 'अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' से सम्मानित किया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

चंदना सिन्हा के लिए यह पुरस्कार महज एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। पुरस्कार ग्रहण करने के कुछ ही घंटों बाद जब वे लखनऊ लौटीं, तो उन्हें सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर एक बच्चा अकेला बैठा है। बिना समय गंवाए वर्दी का गौरव लिए वे तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। उनके लिए हर एक बच्चा एक नई उम्मीद है।

लखनऊ के चारबाग स्टेशन से ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाली चंदना ने एक ऐसी कार्यप्रणाली विकसित की है जो अब पूरे प्लेटफॉर्म पर चुपचाप सक्रिय रहती है। उनकी टीम केवल निगरानी नहीं करती, बल्कि यात्रियों के व्यवहार और बच्चों के हाव-भाव को पढ़ती है। उन्होंने कुलियों, वेंडरों और स्थानीय मुखबिरों का एक ऐसा नेटवर्क बनाया है जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उन तक पहुंचाता है। उनकी टीम में ज्यादातर महिला अधिकारी हैं, जो डरे हुए बच्चों से बात करने और उनका भरोसा जीतने में माहिर हैं।

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते

जून 2024 में चंदना को 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' की कमान सौंपी गई। उनकी टीम ने बिहार से पंजाब और हरियाणा जाने वाले तस्करी के रूटों पर पैनी नजर रखी। वर्ष 2024 में उनकी टीम ने 494 बच्चों को बचाया, जिनमें 41 को बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा था। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,032 बच्चों तक पहुंच गया। इन हजारों बच्चों में से 152 बच्चों को चंदना ने खुद अपने हाथों से रेस्क्यू किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने चंदना सिन्हा के हवाले से कहा, "तस्कर अक्सर बच्चों को काम का लालच देकर बहलाते हैं। हम केवल संदिग्ध चेहरे नहीं देखते, हम बच्चों की आंखों में छिपा डर और उनके साथ मौजूद व्यक्ति के साथ उनके तालमेल की कमी को देखते हैं।"

सिर्फ रेस्क्यू नहीं, काउंसलिंग भी

बच्चों को बचाना तो केवल शुरुआत है, असली चुनौती उन्हें उनके परिवार से मिलाने में आती है। चंदना बताती हैं कि कई बार लड़कियां किसी के साथ भागकर आती हैं और वापस जाने को तैयार नहीं होतीं। वहीं, कुछ मामलों में माता-पिता 'लोक-लाज' के डर से केस दर्ज नहीं कराना चाहते। ऐसी स्थिति में चंदना और उनकी टीम को घंटों काउंसलिंग करनी पड़ती है।

41 वर्षीय चंदना सिन्हा मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे। 80 के दशक के मशहूर टीवी सीरियल 'उड़ान' (जो आईपीएस अधिकारी कल्याणी सिंह पर आधारित था) ने उनके मन में वर्दी के प्रति सम्मान पैदा किया। 2010 में वे आरपीएफ में शामिल हुईं और तब से लेकर आज तक वे उसी निष्ठा के साथ काम कर रही हैं।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला के अनुसार, चंदना की कार्यशैली अब एक 'मॉडल' बन चुकी है। वहीं 'बचपन बचाओ आंदोलन' से जुड़े देशराज सिंह कहते हैं कि आरपीएफ का मूल काम रेल संपत्ति की सुरक्षा था, लेकिन चंदना ने जिस तरह से मानव तस्करी के खिलाफ इस मिशन को अपना व्यक्तिगत लक्ष्य बनाया है, वह विरला है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha
कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रैजुएट हिमांशु शेखर झा करीब 9 वर्षों से बतौर डिजिटल मीडिया पत्रकार अपनी सेवा दे रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय राजनीति पर अच्छी पकड़ है। दिसंबर 2019 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। इससे पहले दैनिक भास्कर, न्यूज-18 और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में भी काम कर चुके हैं। हिमांशु बिहार के दरभंगा जिला के निवासी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।