CPM से भी निकाले गए थे रितब्रत बनर्जी, जानें कौन हैं टीएमसी के लिए संकट बने दो विधायक
टीएमसी से निकाले गए दो विधायकों पर सभी की नजरें टिकी हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि पार्टी से निष्कासित होने के बाद रितब्रत बनर्जी के संपर्क में 50 विधायक आए। टीएमसी में टूट की बड़ी आशंका है।

बंगाल में टीएमसी की हार के साथ ही पार्टी के अस्तित्व पर बड़ा संकट खड़ा दिखाई दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि कम से कम 50 टीएमसी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। एक दिन पहले ही दो विधायकों को पार्टी से बाहर कर दिया गया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित किए गए रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि टीएमसी के ही दो विधायकों रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा - ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई है कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के पार्टी के प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर जाली थे। मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने दोनों विधायकों को "दल विरोधी गतिविधियों" के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।
इन दोनों विधायकों की शिकायत के आधार पर ही विधानसभा सचिवालय ने पुलिस के पास केस दर्ज करवाया और अब इसकी जांच सीआईडी कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने इधर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उधर दोनों ही विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद ही यह चर्चा भी होने लगी कि टीएमसी में दो गुट बन गए हैं और जल्द ही पार्टी टूट सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर कम से कम 50 विधायक रितब्रत बनर्जी से मिले।
सीपीएम से भी निकाले गए थे रितब्रत बनर्जी
पहली बार नहीं है जब रिताब्रता बनर्जी को पार्टी से निकाला गया है। 46 साल के बनर्जी को 9 साल पहले सीपीएम ने भी बाहर का रास्ता दिखाया था। सीपीएम ने 2024 में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था। उनका कार्यकाल 2020 तक होने वाला था लेकिन इससे पहले 2017 में ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
आरजी कर अस्पताल की घटना क बाद जब राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने इस्तीफा दे दिया तो वह टीएमसी के टिकट पर बाकी समय के लिए राज्यसभा पहुंच गए। इस बार विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टिकट देने का फैसला किया। ममता बनर्जी ने ही रितब्रत के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका बैकग्राउंड लेफ्ट का रहा है।
बनर्जी ने कहा, मेरी ही गलती थी जो कि ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया गया। वह टिकट की भीख मांग रहे थे। सीपीएम ने भी उन्हें निकालकर अच्छा फैसला किया था। उन्हें बचाना ही मेरी गलती थी। ये लोग रोज बीजेपी से मिल रहे हैं और उसी के इशारे पर काम कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, रितब्रत अपने बेटे के लिए भी टिकट मांग रहे थे।
कौन हैं संदीपन साहा
पार्टी से निष्कासित किए गए दूसरे विधायक का नाम संदीपन साहा है। वह पार्टी की पूर्व विधायक स्वर्णकला साहा के बेटे हैं। वह कोलकाता नगर निगम में पार्षद थे। उन्होंने पहली बार 2026 में ही विधानसभा का चुनाव लड़ा था।
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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