कौन हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह, जिनके चीनी रोबोट वाले वीडियो ने मचा दिया बवाल

Feb 18, 2026 08:03 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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AI समिट में प्रोफेसर नेहा सिंह तब पहली बार चर्चा में आईं, जब डीडी न्यूज को एक इंटरव्यू में उन्होंने रोबोडॉग के बारे में बताया। वह गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस की फैकल्टी मेंबर हैं। वीडियो वायरल होने के बाद वह लगातार निशाने पर रहीं।

कौन हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह, जिनके चीनी रोबोट वाले वीडियो ने मचा दिया बवाल

दिल्ली में चल रहे एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी चीनी रोबोट (रोबोडॉग) को अपना बताकर पेश करने के चलते निशाने पर है। यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने सबसे पहले रोबोडॉग को यूनिवर्सिटी द्वारा बनाया गया बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। यूजर्स ने ढूंढ निकाला कि यह रोबोडॉग चीन से खरीदा गया है। इसके अलावा, नेहा सिंह ने एक अन्य वीडियो में सॉकर ड्रोन को भी यूनिवर्सिटी में ही बना बताया, जो बाद में साउथ कोरिया के प्रोडक्ट जैसा निकला। गलगोटिया विवाद के केंद्र में पिछले दो दिनों से प्रोफेसर नेहा सिंह हैं, जो यूनिवर्सिटी के प्रोडक्ट्स के बारे में मीडिया को जानकारी दे रही हैं। आइए जानते हैं नेहा सिंह के बारे में...

कौन हैं प्रोफेसर नेहा सिंह?

एआई समिट में नेहा तब पहली बार चर्चा में आईं, जब डीडी न्यूज को एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने रोबोडॉग के बारे में बताया। इस वीडियो में उन्होंने दावा किया कि इसे यूनिवर्सिटी द्वारा ही बनाया गया है। बाद में यह चीन से खरीदा हुआ निकला। इससे यूनिवर्सिटी की काफी फजीहत हुई। नेहा गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस की फैकल्टी मेंबर हैं। नवंबर 2023 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले, उन्होंने ग्रेटर नोएडा में शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम किया और करियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर के तौर पर भी काम किया। लिंक्डिन प्रोफाइल से यह जानकारी सामने आई है।

कहां से पढ़ी हैं नेहा सिंह?

इससे पहले, नेहा GITAM में एक पद पर थीं। 2006 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से एमबीए पूरा किया और उससे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। सोशल मीडिया पर उनकी लिंक्डिन प्रोफाइल भी वायरल हो रही है, जिसमें 'ओपन टू वर्क' लिखा हुआ है। लिंक्डिन पर यह टैग व्यक्ति तब लगाता है, जब वह नई नौकरी की तलाश में होता है। भारी ट्रोलिंग के बाद नेहा ने सफाई भी पेश की। प्रोफेसर ने साफ किया कि रोबोडॉग को देश में बना हुआ बताना उनका मकसद नहीं था। उन्होंने कहा, “यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि शायद बातें साफ-साफ नहीं बताई गईं।”

यूनिवर्सिटी ने नेहा पर फोड़ा ठीकरा, कहा- जोश में...

नेहा ने कहा, ''मैं इसकी जिम्मेदारी लेती हूं कि शायद मैंने इसे ठीक से कम्युनिकेट नहीं किया, क्योंकि यह बहुत एनर्जी और जोश के साथ और बहुत जल्दी किया गया था, इसलिए शायद मैं उतनी अच्छी तरह से बात नहीं कर पाई जितनी मैं आमतौर पर करती हूं।'' वहीं, यूनिवर्सिटी ने बयान जारी करके माफी मांगी और पूरे विवाद को कन्फ्यूजन बताते हुए प्रोफेसर नेहा पर ठीकरा फोड़ा। उसने कहा कि पवेलियन में मौजूद उनके रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी। यूनिवर्सिटी ने कहा, "हम हाल ही में हुए AI समिट में हुए कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगना चाहते हैं। पवेलियन में मौजूद हमारे एक रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी। उन्हें प्रोडक्ट के टेक्निकल ओरिजिन के बारे में पता नहीं था और कैमरे पर आने के जोश में, उन्होंने गलत जानकारी दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था। इनोवेशन को गलत तरीके से दिखाने का कोई इंस्टीट्यूशनल इरादा नहीं था।"

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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