
डीपफेक ही है पायल गेमिंग से जुड़ा वायरल वीडियो, पुलिस ने भी कर दिया कन्फर्म; अब होगी धरपकड़
पायल धारे ने इस सप्ताह अपनी चुप्पी तोड़ी और सोशल मीडिया पर विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो का उनकी जिंदगी, पहचान या निजी चुनावों से कोई संबंध नहीं है।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने लोकप्रिय यूट्यूबर और गेमिंग इन्फ्लुएंसर पायल धारे उर्फ पायल गेमिंग से जुड़े वायरल वीडियो को आधिकारिक तौर पर डीपफेक घोषित कर दिया है। पुलिस द्वारा जारी प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है और इसमें छेड़छाड़ की गई है।
महाराष्ट्र राज्य साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्यालय द्वारा 19 दिसंबर 2025 को जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है- वीडियो का विश्लेषण महाराष्ट्र राज्य साइबर विभाग के पास उपलब्ध एडवांस तकनीकी उपकरणों से किया गया। यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त वीडियो में छेड़छाड़ की गई है और इसे एडिट किया गया है। विश्लेषण से पुष्टि होती है कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से निर्मित डीपफेक है।
पायल धारे की शिकायत पर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है। FIR नंबर 52/2025 भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 3(5), 79, 356(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67 तथा महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम 1986 की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज की गई है। पुलिस अब वीडियो बनाने, फैलाने और साजिश रचने वालों की तलाश में जुटी है।
यह विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक अश्लील वीडियो तेजी से वायरल हुआ। कई यूजर्स ने बिना किसी पुष्टि के वीडियो में दिख रही महिला को पायल गेमिंग से जोड़ दिया, जिससे ऑनलाइन अफवाहें और अटकलें फैल गईं। हालांकि, पायल के फैंस ने तुरंत इसका विरोध किया और दावा किया कि वीडियो AI-जनरेटेड डीपफेक है। फैंस ने लोगों से वीडियो शेयर न करने की अपील की।
पायल धारे ने इस सप्ताह अपनी चुप्पी तोड़ी और सोशल मीडिया पर विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो का उनकी जिंदगी, पहचान या निजी चुनावों से कोई संबंध नहीं है। पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद पीड़ादायक रहे हैं, क्योंकि उनका नाम और छवि गलत तरीके से इस कंटेंट से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रही व्यक्ति वे नहीं हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट में पायल ने पुलिस अधिकारियों का धन्यवाद किया और जनता तथा मीडिया से वीडियो शेयर करने या अटकलें लगाने से बचने की अपील की। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी दी।
पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि वीडियो का आगे प्रसार या गलत आरोप लगाना साइबर और अश्लीलता संबंधी कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत ऑनलाइन अश्लील या आपत्तिजनक कंटेंट शेयर करने पर पहली बार में तीन साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि दोहराने पर सजा और बढ़ जाती है।
कौन हैं पायल गेमिंग?
पायल धारे, जो पायल गेमिंग के नाम से जानी जाती हैं, वह भारत की प्रमुख महिला गेमिंग कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन्होंने 2019 में गेमिंग स्ट्रीमिंग शुरू की और S8UL एस्पोर्ट्स से जुड़कर तेजी से लोकप्रियता हासिल की। वे BGMI, PUBG, GTA V और कॉल ऑफ ड्यूटी जैसे गेम्स की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए मशहूर हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 45 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। पिछले साल वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाली एकमात्र महिला गेमर थीं, जब गेमिंग इंडस्ट्री के भविष्य पर चर्चा हुई थी।





