उद्धव के सांसदों पर डोरे डाल रही TMC के बागियों की पार्टी, लेकिन खुद के अध्यक्ष का पता नहीं
NCPI में नए अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। फेसबुक पर सिर्फ एक 'परछाई' वाली पोस्ट देख संस्थापक सदस्य हैरान हैं कि उनका बॉस कौन है? इधर पार्टी ने शिवसेना (UBT) सांसदों को बड़ा ऑफर दे दिया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के शामिल होने के बाद से ही सुर्खियों में आई 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में इन दिनों असमंजस की स्थिति है। पार्टी के संस्थापक सदस्यों को ही यह नहीं पता कि उनका नया अध्यक्ष असल में कौन है। इसी बीच बुधवार को पार्टी ने शिवसेना (यूबीटी) के उन सांसदों का खुले दिल से स्वागत करने का ऐलान किया है, जो उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए कहा, "हम शिवसेना (UBT) के उन सभी सांसदों का स्वागत करते हैं जो हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं।"
सांसदों की संख्या बढ़कर 22 होने का दावा
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी ने दावा किया है कि लोकसभा में उनके सांसदों की संख्या 20 से बढ़कर 22 होने वाली है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के हवाले से पार्टी ने कहा, "आने वाले दिनों में NCPI की संसदीय ताकत 20 से बढ़कर 22 सांसदों तक पहुंचने की उम्मीद है। यह पार्टी के विकास, लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
नए अध्यक्ष को लेकर गहराया सस्पेंस
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी एक तरफ अपनी ताकत बढ़ाने और शिवसेना (UBT) के सांसदों को अपने पाले में करने की कोशिशों में जुटी है, तो दूसरी तरफ उसे अपने ही नए अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी के सार्वजनिक रूप से सामने आने का इंतजार है।
बुधवार को कोलकाता में ईएम बाईपास के पास रूबी अस्पताल के करीब पार्टी के आठ संस्थापक सदस्यों की एक अहम बैठक हुई। दिलचस्प बात यह रही कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा टीएमसी के बागी सांसदों (जो रविवार को पार्टी में शामिल हुए) का विलय या पदों का पुनर्गठन नहीं था, बल्कि ज्यादातर चर्चा इस बात पर हुई कि आखिर नया अध्यक्ष है कौन?
सिर्फ एक 'परछाई' वाली फेसबुक पोस्ट से मिली खबर
पार्टी के कई संस्थापक सदस्यों ने माना कि उन्हें ज्योतिप्रकाश चटर्जी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पार्टी के संगठनात्मक सचिव होने का दावा करने वाले शांतनु डे ने कहा, “हमें नए अध्यक्ष के बारे में सिर्फ एक फेसबुक पोस्ट से पता चला, जिसमें एक आदमी की परछाई (सिल्हूट) दिखाई दे रही थी। उसमें न तो कोई स्पष्ट तस्वीर थी और न ही कोई अन्य जानकारी। इसलिए, हमारी ज्यादातर चर्चा इसी बात पर रही कि वह असल में हैं कौन। हमने बस इतना सुना है कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील हैं, इसके अलावा हम उनके बारे में कुछ नहीं जानते।”
क्या कह रही हैं पूर्व अध्यक्ष?
इस बीच, पार्टी की पूर्व अध्यक्ष शेवली कुंडू, जो बुधवार की इस बैठक में शामिल नहीं हुईं, उन्होंने इस बात की पुष्टि जरूर की है कि नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। फिलहाल, संस्थापक सदस्य पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसकी कमान अब काफी हद तक हाल ही में शामिल हुए बागी तृणमूल सांसदों के हाथों में है। आने वाले दिनों में जमीनी स्तर के उन तृणमूल कार्यकर्ताओं को शामिल करने पर भी चर्चा हो सकती है, जिन्होंने NCPI नेताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है।


