कौन हैं काकोली घोष, जिन्हें ममता बनर्जी ने लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटाया; बंगाल हार के बाद बदलाव

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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66 वर्षीय काकोली घोष दस्तीदार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महिला विंग अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।

कौन हैं काकोली घोष, जिन्हें ममता बनर्जी ने लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटाया; बंगाल हार के बाद बदलाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने लोकसभा के भीतर अपनी पार्टी में बड़ा बदलाव किया है। सदन में चीफ व्हिप के पद से सांसद काकोली घोष दस्तीदार को हटा दिया गया है। एक बार फिर से टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की इस पद पर वापसी हुई है। बनर्जी पहले भी टीएमसी के लोकसभा में चीफ व्हिप थे, लेकिन नौ महीने पहले उन्हें हटाकर काकोली को यह अहम जिम्मेदारी दी गई थी। अब फिर से बदलाव करके काकोली को हटा दिया गया।

कौन हैं काकोली घोष?

66 वर्षीय काकोली घोष दस्तीदार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महिला विंग अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, और 2014 तथा 2019 के लोकसभा चुनावों में फिर से सांसद बनी हैं। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की। उनकी गिनती ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में होती है। वह पश्चिम बंगाल की बारासात लोकसभा सीट से सांसद हैं।

राजनीति में आने से पहले, काकोली ने चिकित्सा के क्षेत्र में काम किया था। ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में, उन्होंने पार्टी में धीरे-धीरे अपना कद बढ़ाया और एक जानी-मानी टीएमसी संसदीय प्रतिनिधि बन गईं। वह संसद में जन कल्याण, महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाती रही हैं। अगस्त 2025 में, उन्हें लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस का चीफ व्हिप चुना गया। उन्होंने अपना बचपन पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के बारासात स्थित डिगबेरिया में अपने परिवार में बिताया। उनकी शादी डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार से हुई है, जो बांझपन और आईवीएफ उपचार के विशेषज्ञ हैं और पश्चिम बंगाल में मंत्री भी रह चुके हैं। इस दंपति के दो बेटे हैं। काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी मेडिकल डिग्री आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से प्राप्त की है।

कल्याण बनर्जी को फिर से चीफ व्हिप बनाए जाने की वजह

हाल के महीनों में, कल्याण बनर्जी तृणमूल के सबसे प्रमुख कानूनी और राजनीतिक चेहरों में से एक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने चुनावों के आसपास की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अदालती लड़ाइयों और सार्वजनिक टकरावों में आक्रामक भूमिका निभाई है। पार्टी ने हालांकि इस बदलाव का कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया, लेकिन कई सांसदों ने निजी तौर पर वजह बताते हुए कहा कि अदालतों में पुरजोर तरीके से पार्टी का रखने और राजनीतिक मोर्चे पर मुखर जवाब देने की वजह से कल्याण को यह मुकाम मिला है। तृणमूल के एक वरिष्ठ सांसद ने बैठक के बाद कहा, '' नेतृत्व उन लोगों को महत्व देता है जो कठिन समय में खड़े होकर संघर्ष करते हैं।'' राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस निर्णय में एक और संदेश भी निहित है कि विधानसभा स्तर पर प्रदर्शन संसदीय जिम्मेदारियों को सौंपने का मापदंड नहीं है।''

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लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

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मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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