कौन हैं भारत के नए IB चीफ महेश दीक्षित, आर्टिकल 370 हटने के बाद JK में था तगड़ा रोल
देश में बढ़ती अंदरूनी सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए उनकी इस पोस्टिंग को काफी अहम माना जा रहा है। सुरक्षा से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनके तजुर्बे और लीडरशिप से इंटेलिजेंस मजबूत होगी, साथ ही नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

भारत को नए सुरक्षा एक्सपर्ट मिलने जा रहे हैं। खबर है कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी महेश दीक्षित IB के नए प्रमुख होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने आईबी प्रमुख के रूप में दीक्षित की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी दीक्षित आईबी निदेशक के रूप में तपन कुमार डेका की जगह लेंगे। माना जाता है कि वह खुफिया नेटवर्क के मामले में एक्सपर्ट हैं और आतंकवाद के खिलाफ कई मिशन में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
कौन हैं महेश दीक्षित
सूत्रों ने भाषा को बताया कि दीक्षित फिलहाल आईबी में विशेष निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं और उनके पास जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक राज्य खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम करने का अनुभव है। एक पेशेवर चिकित्सक से कानून-प्रवर्तन अधिकारी बने दीक्षित के पास देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी में लगभग तीन दशक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पूर्वोत्तर और लद्दाख में अभियानों से लेकर नक्सल विरोधी प्रकोष्ठों तक अलग-अलग तरह की संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं।
खुफिया नेटवर्क के एक्सपर्ट
दीक्षित आईबी में मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। वह श्रीनगर में सहायक आसूचना ब्यूरो के प्रमुख थे और अधिकारियों के अनुसार अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद वहां आंतरिक स्थिरता बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पिछले वर्ष दीक्षित ने एक बड़े 'सफेदपोश' आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने श्रीनगर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई शुरुआती जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया था।
तपन डेका की लेंगे जगह
दीक्षित 30 जून को आसूचना ब्यूरो के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी तपन कुमार डेका की जगह लेंगे, जिन्हें सरकार ने दो बार सेवा विस्तार दिया था। डेका को जून 2022 में दो वर्ष के लिए आसूचना ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2024 और 2025 में दो बार बढ़ाया गया। उन्हें विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अभियानों का विशेषज्ञ माना जाता है। नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान जवाबी अभियानों की कमान उन्हीं के हाथों में थी।
आतंकवाद और इस्लामी कट्टरपंथ से जुड़े मामलों को संभालने में दक्ष डेका ने इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ अभियानों का भी नेतृत्व किया। इंडियन मुजाहिदीन 2000 के दशक में देशभर में कई विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा था।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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