ऐसे बात नहीं कर सकते... कौन हैं यूपी के IAS अनुराग यादव, जो CEC ज्ञानेश कुमार से भिड़ गए
मुख्य चुनाव आयुक्त की बात पर IAS अनुराग यादव ने सख्त ऐतराज जाहिर कर दिया और कहा कि आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते। अपने अनुभव का हवाला देते हुए अनुराग यादव ने कहा कि हमने भी इस सेवा में 25 साल गुजारे हैं। आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते।

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बुधवार को एक रिव्यू मीटिंग थी। यह मीटिंग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ले रहे थे और इस दौरान उनकी यूपी के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव से तीखी बहस हो गई। मामला यह था कि अनुराग यादव बंगाल के कूच बिहार में चुनाव पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। वर्चुअल मीटिंग के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सभी अधिकारियों से बारी-बारी से पूछ रहे थे कि उनके यहां कितने पोलिंग बूथ आदि हैं। इसी दौरान जब अनुराग यादव की बारी आई तो उन्हें जवाब देने में थोड़ी देरी हुई। इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोई टिप्पणी कर दी।
इस पर IAS अनुराग यादव ने सख्त ऐतराज जाहिर कर दिया और कहा कि आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते। अपने अनुभव का हवाला देते हुए अनुराग यादव ने कहा कि हमने भी इस सेवा में 25 साल गुजारे हैं। आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते। अनुराग यादव के इस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाब दिए जाने के बाद कुछ देर के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया। फिर दूसरे विषयों को लेकर बात शुरू की गई और किसी तरह बैठक को निपटाया गया। अब जानकारी मिली है कि अनुराग यादव को पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया गया है।
हालांकि चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें बहस के कारण नहीं हटाया गया है बल्कि कार्य में अक्षम होने के चलते इस जिम्मेदारी को वापस लिया गया है। आयोग के सूत्रों ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पूछा था कि आपके क्षेत्र में कितने पोलिंग बूथ हैं। यह एक बेहद बेसिक सवाल था, जिसका जवाब वह नहीं दे पा रहे थे। उनकी ओर से काफी देर में जवाब दिया गया। इसी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने टिप्पणी कर दी थी और फिर आईएएस उनसे ही भिड़ गए। अनुराग यादव ने कहा कि हमारा भी इस सर्विस में एक लंबा अनुभव है। आप हमसे इस तरह बात नहीं कर सकते।
यूपी में किस पद पर है अनुराग यादव की तैनाती?
बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले ही अनुराग यादव को उत्तर प्रदेश में सोशल वेलफेयर एवं सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह यूपी सरकार में प्रधान सचिव स्तर के आईएएस हैं। इससे पहले वह आईटी विभाग में तैनात रहे थे। सूत्रों का कहना है कि पर्यवेक्षक की भूमिका बेहद अहम होती है। चुनाव आयोग के आंख और कान ये अधिकारी माने जाते हैं। ऐसे में यदि उनके स्तर से ही किसी जानकारी में देरी होती है तो यह चिंता वाली बात है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि कोई सीनियर ऑफिसर कई दिन क्षेत्र में बिताने के बाद भी यह नहीं बता पाए कि वहां कितने बूथ हैं तो फिर यह चिंता वाली बात है।
लेखक के बारे में
Surya Prakashदुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।
अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।
और पढ़ें

