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कौन हैं बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर, भाजपा से भी लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव

कौन हैं बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर, भाजपा से भी लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव

संक्षेप:

हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर सीट से 2021 से विधायक हैं। 'बाबरी मस्जिद' विवाद के चलते कुछ समय पहले ही टीएमसी से उन्हें सस्पेंड किया गया है। कबीर भाजपा से भी 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

Dec 07, 2025 05:18 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित किए गए विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले में 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में सऊदी अरब से मौलवियों को बुलाया गया और हजारों लोग शामिल हुए। इसके लिए उन्होंने वही छह दिसंबर का दिन चुना था, जिस छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाया गया था। ममता ने हुमायूं कबीर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया, जिसके बाद अब उन्होंने नई पार्टी बनाने की घोषणा की है। वह ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करके चुनावी मैदान में उतरेंगे। कबीर टीएमसी, कांग्रेस समेत कई दलों में रह चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था।

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कौन हैं हुमायूं कबीर

हुमायूं कबीर ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी। इसके बाद वे टीएमसी, भाजपा और वापस टीएमसी में रहे। फिर हाल ही में उन्हें ममता की भी पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। कबीर मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर सीट से 2021 से विधायक हैं। कांग्रेस से करियर की शुरुआत करने के बाद 2012 में उन्होंने पार्टी को अलविदा कह और टीएमसी में शामिल हो गए। इसके बाद वह ममता सरकार में मंत्री भी बनाए गए।

भाजपा से लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव

साल 2015 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कबीर को टीएमसी से छह साल के लिए निकाल दिया गया और फिर 2016 का विधानसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2018 में वे भाजपा के सदस्य बन गए और 2019 का लोकसभा चुनाव मुर्शिदाबाद सीट से लड़ा। हालांकि, यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। टीएमसी कैंडिडेट को जीत मिली, जबकि दूसरे पर कांग्रेस और तीसरे पर भाजपा की ओर से कबीर रहे। टीएमसी से अबू ताहिर खान को छह लाख से ज्याद वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर अबू हेना को 3,77,929 और भाजपा के हुमायूं कबीर को 2,47,809 वोट मिले थे। छह साल निष्कासित रहने के बाद वह फिर से टीएमसी में वापस आए। 2021 में भरतपुर सीट से टीएमसी से विधायक बने।

पिछले लोकसभा चुनाव में दिया था विवादित बयान

पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान कबीर ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव जीतने के दो घंटे के बाद ही हिंदुओं को पश्चिम बंगाल की भागीरथी नदी में फेंक देंगे, क्योंकि मुर्शिदाबाद हमारा है। यहां मुस्लिमों की आबादी 70 फीसदी है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, हुमायूं कबीर ने कहा था, "अगर मैं आप लोगों (हिंदुओं की ओर इशारा करते हुए) को दो घंटे में भागीरथी नदी में नहीं डुबोऊंगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। आप 30 फीसदी लोग हैं, हम भी यहां 70 फीसदी हैं। यदि आपको लगता है कि आप काजीपाड़ा की मस्जिद गिरा देंगे और मुस्लिम आराम से बैठा रहेगा तो ऐसा नहीं होगा। मैं भाजपा को यह बता देना चाहता हूं।'' हुमायूं कबीर के इस बयान से काफी विवाद भी मचा था और भाजपा ने जमकर निशाना साधा था।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।

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