Hindi NewsIndia Newswho is Ex IPS Officer T Prabhakar Rao, whom Justice Nagarathna ordered surrender by 11 am tomorrow Phone tapping case
कल 11 AM तक करें सरेंडर... पूर्व IPS टी प्रभाकर राव कौन? जस्टिस नागरत्ना ने क्यों दिया ऐसा आदेश

कल 11 AM तक करें सरेंडर... पूर्व IPS टी प्रभाकर राव कौन? जस्टिस नागरत्ना ने क्यों दिया ऐसा आदेश

संक्षेप:

Phone tapping case: पीठ ने कहा कि हम याचिकाकर्ता को निर्देश देते हैं कि वह कल (शुक्रवार) सुबह 11 बजे तक हैदरबाद के जुबली हिल्स पुलिस थाने और जांच अधिकारी के सामने सरेंडर कर दे। हिरासत में पूछताछ कानून के अनुसार की जाएगी।

Dec 11, 2025 06:14 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Phone tapping case: सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस बी वी नागरत्ना की अगुवाई वाली पीठ ने तेलंगाना विशेष खुफिया ब्यूरो (SIB) के पूर्व प्रमुख और फोन टैपिंग मामले में आरोपी रिटायर्ड IPS अधिकारी टी. प्रभाकर राव को कल यानी शुक्रवार की सुबह 11 बजे तक पुलिस के सामने सरेंड करने का आदेश दिया है। जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि राव के खिलाफ अपराधों की विस्तृत जांच के उद्देश्य से यह आदेश दिया गया है।

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पीठ ने कहा, ‘‘हम याचिकाकर्ता को निर्देश देते हैं कि वह कल (शुक्रवार) पूर्वाह्न 11 बजे तक हैदरबाद के जुबली हिल्स पुलिस थाने और जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दे... हिरासत में पूछताछ कानून के अनुसार की जाएगी। सुनवाई शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध की जाए। याचिकाकर्ता को अपने घर से भोजन और नियमित रूप से दवा लेने की स्वतंत्रता है।’’

सुनवाई के दौरान, राज्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने बताया कि खोले गए ‘आईक्लाउड’ खातों में कोई डेटा नहीं है। बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने 29 मई को राव को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था और उन्हें यह हलफनामा देने का निर्देश दिया था कि पासपोर्ट प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर वह भारत लौट आएंगे।

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हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ SC आए थे राव

राव ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हैदराबाद की एक अदालत ने 22 मई को फोन टैपिंग मामले में राव को भगोड़ा घोषित करने का आदेश जारी किया था। एसआईबी के एक निलंबित डीएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों को मार्च 2024 में हैदराबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया, जिन पर पिछली बीआरएस सरकार के दौरान विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया जानकारी मिटाने के साथ-साथ फोन टैपिंग करने का आरोप है।

कौन हैं टी प्रभाकर राव?

25 जून, 1960 को जन्मे प्रभाकर राव ने 1991 में एक IPS अधिकारी के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 2001 से तेलंगाना कैडर में काम किया है। 2019 में उन्हें तेलंगाना पुलिस में IG के पद पर प्रमोट किया गया था। वह 2020 में सेवा से रिटायर हो गए लेकिन तत्कालीन के चंद्रशेखर राव सरकार ने नवंबर 2023 में उन्हें OSD, इंटेलिजेंस (SIB) के रूप में नियुक्त किया था। 4 दिसंबर, 2023 को जिस दिन फोन टैपिंग के सबूत मिटाए जाने का शक है, राव ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

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शुरू में FIR में नहीं था नाम

टी प्रभाकर राव को पिछले साल दिसंबर में हैदराबाद पुलिस के फोन टैपिंग केस में मुख्य आरोपी बनाया गया था। इस मामले में आरोप है कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विरोधियों के फोन टैप किए गए थे और जब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की BRS पर जीत साफ हो गई, तो सबूत मिटाने की कोशिश की गई। शुरू में FIR में राव का नाम नहीं था। पुलिस उनसे फोन टैपिंग के आरोपों और सबूत मिटाने के बारे में पूछताछ करना चाहती थी, जिसमें SIB के कंप्यूटर से 45 से ज़्यादा हार्ड ड्राइव डिलीट करना शामिल था। हालांकि, भुजंगा राव और तिरुपतन्ना की गिरफ्तारी प्रभाकर राव के लिए मुश्किल बन गई। गिरफ्तार लोगों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उन्होंने प्रभाकर राव के आदेश पर ही काम किया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें
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