कौन हैं साइरस पूनावाला? जिन्होंने 167 CR में खरीदी राजा रवि वर्मा की 3 फीट की 'यशोदा और कृष्ण' पेंटिंग

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, पुणे
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1890 के दशक की बनाई गई इस ऑयल पेंटिंग का आकार 35 x 28.25 इंच है। इसे भारतीय कला की सबसे प्रतिष्ठित कृतियों में से एक माना जाता है। कला विशेषज्ञों ने इसे “भारतीय कला की मोनालिसा” तक कहा है।

कौन हैं साइरस पूनावाला? जिन्होंने 167 CR में खरीदी राजा रवि वर्मा की 3 फीट की 'यशोदा और कृष्ण' पेंटिंग

मशहूर अरबपति उद्योगपति और पुणे में स्थित सिरम इन्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक साइरस एस. पूनावाला ने मुंबई में सैफ़्रनआर्ट की नीलामी में भारत के जाने-माने चित्रकार राजा रवि वर्मा की मशहूर ऑयल पेंटिंग 'यशोदा और कृष्ण' को रिकॉर्ड 167.2 करोड़ (लगभग $18 मिलियन) में खरीदी है। ऐसा कर उन्होंने आधुनिक भारतीय कला के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस कलाकृति की अनुमानित कीमत लगभग 80–120 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसकी अंतिम कीमत अनुमानित न्यूनतम कीमत से दोगुनी से भी ज़्यादा रही।

यह अब तक नीलामी में बिकने वाली सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग है। इस बिक्री ने पिछले रिकॉर्ड को 49.2 करोड़ को पीछे छोड़ दिया है। यह आधुनिक भारतीय कला के प्रति बढ़ती मांग और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। 1890 के दशक की बनाई गई इस ऑयल पेंटिंग का आकार 35 x 28.25 इंच है। इसे भारतीय कला की सबसे प्रतिष्ठित कृतियों में से एक माना जाता है। कला विशेषज्ञों ने इसे “भारतीय कला की मोनालिसा” तक कहा है।

कौन हैं साइरस एस. पूनावाला?

डॉ. साइरस एस. पूनावाला को वैक्सीन किंग के नाम से जाना जाता है। उन्होंने ने 1966 में सिरम इन्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया की स्थापना की थी और इसे दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी बनाया। COVID-19 के दौरान इसी संस्थान ने Covishield वैक्सीन बनाई थी, जो भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुई। इस वैक्सीन को AstraZeneca और Oxford University ने मिलकर बनाया था। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है।

दुनिया के 46वें सबसे अमीर व्यक्ति

Hurun Global Rich List 2023 में पूनावाला को दुनिया के 46वें सबसे अमीर व्यक्ति और हेल्थकेयर सेक्टर के सबसे अमीर अरबपति के तौर पर पहचाना गया। अक्टूबर 2024 में, पूनावाला और उनके परिवार को फोर्ब्स की भारत के 100 सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में नौवां स्थान मिला था, जिनकी कुल संपत्ति 22.1 अरब डॉलर थी। वहीं, 2026 में, Hurun Rich List ने उन्हें भारत का चौथा सबसे अमीर व्यक्ति बताया। फोर्ब्स के अनुसार, साइरस पूनावाला के पास ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि है; यह यूनिवर्सिटी साइरस पूनावाला वैक्सीन रिसर्च बिल्डिंग का निर्माण कर रही है।

पद्म भूषण से सम्मानित

2022 में पूनावाला को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इससे पहले 2005 में उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया था। उनके बेटे, अदार पूनावाला कंपनी के CEO हैं और करण जौहर की कंपनी धर्मा प्रोडक्शन्स के सह-मालिक भी हैं। उनकी शादी नताशा पूनावाला से हुई है, जो एक जानी-मानी सोशलाइट और फैशन जगत की हस्ती हैं।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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