कौन हैं राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से है कनेक्शन
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 साल तक सेवा दे चुके हैं। वे वेस्टर्न एयर कमांड में भी तैनात थे। पाकिस्तान के खिलाफ चले ऑपरेशन सिंदूर से भी उनका कनेक्शन रहा है।

Ram Mandir CEO: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट को पहला सीईओ मिल गया है। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट की कमान सौंपी गई है। मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 साल तक सेवा दे चुके हैं। वे वेस्टर्न एयर कमांड में भी तैनात थे। मिश्रा का ऑपरेशन सिंदूर से भी कनेक्शन है और वे पाकिस्तान के खिलाफ हुए इस ऑपरेशन के समय तैनात थे।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड अफसर हैं। मिश्रा नेशनल डिफेंस अकेडमी खडकवासला और वायुसेना अकेडमी डुंडीगल के पूर्व छात्र रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज ब्रिटेन में भी पढ़ाई की है।
उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड में बतौर एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के तौर पर काम किया है। उससे पहले वे इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑप्स) में डिप्टी चीफ थे। मिश्रा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रीन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) में भी डिप्टी चीफ रहे हैं। पिछले साल मई महीने में हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा का जुड़ाव रहा। उनकी भूमिका के लिए पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक मिला। इससे पहले, 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
1986 में एयरफोर्स में कमिशन्ड हुए जीतेंद्र मिश्रा
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को कमिशन्ड हुए। रिटायर होने से पहले तक उनका 38 सालों से ज्यादा का करियर रहा है और इस दौरान उनके पास तीन हजार घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है। उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। वह उस टीम का भी हिस्सा रहे हैं, जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 फाइटर जेट्स से लेजर गाइडेड बम गिराए थे।
चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट में बदलाव
पिछले दिनों राम मंदिर में चंदा चढ़ावा चोरी विवाद सामने आया था। इसके तहत, दानपात्रों और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी पकड़ी गई थी। इन आरोपों के बाद यूपी सरकार ने एसआईटी गठित की। जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और रकम जमा करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की गई और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। सपा, कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने मुद्दे को जोरशोर से उठाया और सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव करने का फैसला लिया गया। अन्य मंदिरों की तरह यहां भी सीईओ बनाया गया है। इसके अलावा, ट्रस्ट से तीन नए सदस्य जोड़े गए हैं जोकि अयोध्या से मदन मोहन पांडे, महेश भागचंद और उर्मिला चतुर्वेदी नाम है।


