
कौन है अनमोल बिश्नोई? US से लाया जा रहा है भारत, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में भी हाथ
NIA की 24 मार्च 2023 की चार्जशीट के अनुसार, अनमोल बिश्नोई और गोल्डी बराड़ अमेरिका से बिश्नोई गैंग की वित्तीय और लॉजिस्टिक गतिविधियों को संभालते थे। दोनों कई प्रो-खालिस्तान संगठनों से जुड़े लोगों के लगातार संपर्क में थे।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका ने डिपोर्ट कर दिया है। अनमोल बीते कई वर्षों से भारत की ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में था। अब भारत वापस लाया जा रहा है और उसके बुधवार को दिल्ली पहुंचने की संभावना है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने मंगलवार को दिवंगत एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के परिवार को ईमेल भेजकर इसकी पुष्टि की है।
पंजाब के फाजिल्का जिले का रहने वाला अनमोल 2021 में फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भागा था। पहले नेपाल, फिर दुबई और केन्या होते हुए वह अमेरिका पहुंचा। अप्रैल 2023 में उसे आखिरी बार कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था। अमेरिका की ICE ने उसे फर्जी पासपोर्ट के आधार पर हिरासत में लेकर आईओवा के पोटावाटामी काउंटी जेल में रखा था।
बाबा सिद्दीकी के बेटे व कांग्रेस के पूर्व विधायक ज़ीशान सिद्दीकी ने बताया, “हमने अमेरिका की कई एजेंसियों के सामने ‘victims of crime’ के रूप में रजिस्ट्रेश किया हुआ था। हमें नियमित अपडेट मिलते थे। 18 नवंबर को हमें बताया गया कि अनमोल को अमेरिकी ज़मीन से हटा दिया गया है।” उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस को अब अनमोल से पूछताछ कर यह पता लगाना चाहिए कि उनके पिता की हत्या के पीछे असली मकसद क्या था और सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग में उसकी क्या भूमिका थी।
सलमान खान के घर फायरिंग से लेकर मूसेवाला हत्या तक
अनमोल बिश्नोई के खिलाफ भारत में 18 से अधिक गंभीर केस दर्ज हैं। अक्तूबर 2024 में हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी उसका नाम है। इसके अलावा उसी साल अप्रैल महीने में सलमान खान के बांद्रा स्थित घर पर फायरिंग और मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में भी वह आरोपी है। एजेंसियों का दावा है कि वह विदेश से ऑपरेशन संचालित कर रहा था।
इसके अलावा वह काले धन, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई, धमकी, एक्सटॉर्शन और विभिन्न राज्यों में टार्गेट किलिंग से जुड़े मामलों में भी आरोपी है।
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'लॉरेंस बिश्नोई का प्रमुख विदेशी एजेंट था। वसूली रैकेट और धमकी नेटवर्क को एन्क्रिप्टेड चैनलों से निर्देश देता था। पश्चिम एशिया, पूर्वी अफ्रीका और उत्तर अमेरिका के अपराधी नेटवर्क से लिंक स्थापित कर रहा था।'' अधिकारी के अनुसार, उसकी वापसी से बिश्नोई गिरोह के वैश्विक नेटवर्क और कई आतंक, हत्या तथा रंगदारी मामलों को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
NIA की 24 मार्च 2023 की चार्जशीट के अनुसार, अनमोल बिश्नोई और गोल्डी बराड़ अमेरिका से बिश्नोई गैंग की वित्तीय और लॉजिस्टिक गतिविधियों को संभालते थे। दोनों कई प्रो-खालिस्तान संगठनों से जुड़े लोगों के लगातार संपर्क में थे। धन जुटाने के लिए वे ड्रग्स और हथियार तस्करी, व्यापक एक्सटॉर्शन और टार्गेट किलिंग को अंजाम देते थे।
एनआई ने अनमोल पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। उसके भारत लौटने के बाद एजेंसी उसकी औपचारिक कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।





