कौन हैं अग्निमित्रा पॉल? शुभेंदु अधिकारी के साथ लीं शपथ, बंगाल सरकार में बनीं मंत्री

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share

अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण से 2021 में विधानसभा चुनाव जीतकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में पहली बार प्रवेश किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सायनी घोष को कड़े मुकाबले में हराया। 2026 में भी अग्निमित्रा पॉल दोबारा जीतीं।

कौन हैं अग्निमित्रा पॉल? शुभेंदु अधिकारी के साथ लीं शपथ, बंगाल सरकार में बनीं मंत्री

Bengal CM Oath: शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में आज पहली बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनी। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुभेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। नई सरकार में क्षेत्रीय और अनुभव के संतुलन पर जोर दिया गया है।

आसनसोल की विधायक अग्निमित्रा पॉल को भी बंगाल की नई सरकार में जगह मिली है। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष के बाद तीसरे नंबर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस बात की संभावना है कि उन्हें अच्छा विभाग भी मिल सकता है।

पश्चिम बंगाल में आज शुभेंदु अधिकारी के अलावा भाजपा विधायक दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू, अशोक कीर्तनिया के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा विधायक निशीथ प्रामाणिक ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली।

कौन हैं अग्निमित्रा पॉल?

अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण से 2021 में विधानसभा चुनाव जीतकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में पहली बार प्रवेश किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सायनी घोष को कड़े मुकाबले में हराया। 2026 में भी अग्निमित्रा पॉल दोबारा जीतीं। 2026 में दक्षिण आसनसोल से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को हराया। 2021 के पहले यह सीट टीएमसी के तपन रॉय के पास थी, जो 2016 के चुनाव जीते थे। अग्निमित्रा पॉल भारतीय जनता पार्टी की ओर से 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की मेदिनीपुर सीट से उम्मीदवार थीं। हालांकि वे यह चुनाव हार गई थीं। 2022 में आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में भी भाजपा उम्मीदवार बनीं, लेकिन टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा से चुनाव हार गई थीं।

फैशन से वास्ता

राजनीति में आने से पहले पॉल फैशन डिजाइनर और उद्यमी थीं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी से स्नातक के बाद उन्होंने अपना खुद का ब्रांड बनाया और कोलकाता के फैशन जगत में पहचान हासिल की, जहां उन्होंने प्रमुख कार्यक्रम और मंचों पर अपने काम का प्रदर्शन किया। 2019 में राजनीति में उनका प्रवेश रचनात्मक उद्योग से सार्वजनिक जीवन की ओर एक बदलाव का प्रतीक था, जहां उन्होंने अपनी लोकप्रियता और संगठनात्मक कौशल का उपयोग कर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई में खुद को जल्दी से स्थापित कर लिया।

आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने सामूहिक नेतृत्व का मंत्र दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया जाएगा, जो राज्य में हुए संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच करेगा। उन्होंने संदेशखाली से लेकर आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई का वादा किया।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें