‘मैं बेरोजगार हूं, कुछ काम दे सकते हैं?’ चुनाव हारने के बाद स्मृति ईरानी ने किसे किया था फोन
स्मृति ईरानी ने खुलासा किया कि राजनीति के शीर्ष पर रहने के बाद जब उन्हें हार मिली, तो उन्होंने खुद फोन उठाकर मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों से काम मांगना शुरू कर दिया था।

2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पहली बार उस दौर पर खुलकर बात की है। एक न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस चुनावी हार को जीवन और करियर के प्रति अपना नजरिया बदलने वाला और एक मुक्ति देने वाला अनुभव करार दिया है।
स्मृति ईरानी ने खुलासा किया कि राजनीति के शीर्ष पर रहने के बाद जब उन्हें हार मिली, तो उन्होंने खुद फोन उठाकर मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों से काम मांगना शुरू कर दिया था।
मैंने खुद फोन कर के काम मांगा: स्मृति ईरानी
इंटरव्यू के दौरान स्मृति ईरानी ने अपने काम मांगने के दौर को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
स्मृति ने बताया, "मैंने फोन उठाया और मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों से काम मांगा। मैंने कहा, 'मेरे पास कोई नौकरी नहीं है, क्या आप मुझे कोई काम दे सकते हैं?' जिओ-हॉटस्टार के वाइस चेयरमैन उदय शंकर कभी मेरी नौकरी जाने का कारण बने थे, जब टीवी का दौर बदला था, लेकिन आज वही मेरी दोबारा नौकरी की वजह बने।"
जब उन्होंने उदय शंकर को फोन किया, तो वे भी हैरान रह गए और पूछा कि क्या वे वाकई टीवी पर वापस एक्टिंग करने को तैयार हैं? इस पर स्मृति ने कहा कि उन्हें काम की जरूरत है और अपनी पुरानी दुनिया में लौटने में कोई बुराई नहीं है।
स्मृति ईरानी ने बताया कि जब वे वापस शूटिंग सेट पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद लोग भी हैरान थे। उन्होंने कहा, "लोग कह रहे थे- 'ये सेट पर वापस आ गई हैं? हम तो दिहाड़ी मजदूर हैं।' यह मेरे लिए मुक्ति जैसा था क्योंकि किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि मैं वापस जाकर नौकरी ढूंढूंगी।"
राजनीति में कदम रखने से पहले घर-घर में 'तुलसी वीरानी' के नाम से मशहूर हुईं स्मृति ईरानी ने जुलाई 2025 में टीवी पर अपनी इस प्रतिष्ठित भूमिका ('क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2') के साथ फिर से वापसी की, जिसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला।
संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी
मनोरंजन की दुनिया में लौटने के साथ-साथ स्मृति ईरानी राजनीति में भी पूरी तरह से सक्रिय हैं। अगस्त 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई केंद्रीय टीम में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है।
वह उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। स्मृति ईरानी के अनुसार, 2024 की हार ने उन्हें यह सिखाया कि राजनीति में अब उन्हें कुछ साबित नहीं करना है, बल्कि जो कुछ उनके पास है, उसे देश और संगठन के लिए योगदान के रूप में देना है।


