CM शुभेंदु अधिकारी ने कौन सी सीट छोड़ी? नंदीग्राम या भवानीपुर में से किसे चुना
शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हरा दिया था। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए थे। हालांकि, 2021 में नंदीग्राम में अधिकारी की जीत का अंतर काफी कम रहा था।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुन लिया है कि वह किस सीट से विधायक बने रहेंगे। खबर है कि उन्होंने नंदीग्राम छोड़कर भवानीपुर को चुना है। खास बात है कि 2026 विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर ही विजयी रहे थे। उन्होंने भवानीपुर से तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। इससे पहले वह उन्हें 2021 में नंदीग्राम से भी हरा चुके हैं।
भवानीपुर से ली शपथ
न्यूज18 बंगाली के अनुसार, 9 मई को जब बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार शपथ ले रही थी, तब अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भवानीपुर विधायक के तौर पर ली थी। हालांकि, वह पहले ही साफ कर चुके हैं दोनों ही सीटों का वह ध्यान रखेंगे। साथ ही उन्होंने नतीजों के बाद कहा था कि 10 दिन के अंदर ही किसी भी एक सीट से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, तब उन्होंने सीट का खुलासा नहीं किया था।
भवानीपुर में जीत
अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हरा दिया था। शुभेंदु को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट हासिल हुए थे। हालांकि, 2021 में नंदीग्राम में अधिकारी की जीत का अंतर काफी कम रहा था।
10 दिन में सीट छोड़ने का था वादा
अधिकारी ने 6 मई को कहा था कि वह 10 दिनों के भीतर दोनों में से एक सीट खाली कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि इसका फैसला भी पार्टी नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने कहा, 'मैं 10 दिन के भीतर एक सीट खाली कर दूंगा। पार्टी तय करेगी कि मैं कौन सी सीट बरकरार रखूंगा। भवानीपुर और नंदीग्राम के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी मैं नहीं भूलूंगा।'
भाजपा और शुभेंदु अधिकारी दोनों का एक ही टर्निंग पॉइंट
एक समय में ममता के सबसे करीबी सहयोगियों में शुमार शुभेंदु 2021 और 2026 में उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आए थे। 2020 में जब वह तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए, तो यह कदम अधिकारी और भाजपा दोनों के लिए ही टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। एक ओर जहां उन्होंने नंदीग्राम से बनर्जी को हराया। वहीं, भाजपा की सीटों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा था।
इसके बाद 2026 में उन्होंने नंदीग्राम का रीकैप भवानीपुर में दिखाया और भाजपा बंगाल की सत्ता में पहली बार काबिज हुई। भाजपा में नेता प्रतिपक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर उन्होंने तय किया।
6 मंत्रियों ने ली थी शपथ
अधिकारी के अलावा पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यह छह सदस्यीय मंत्रिमंडल सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भाजपा की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), जनजातीय, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण हैं, घोष अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, अग्निमित्रा पॉल कायस्थ हैं, कीर्तनिया मतुआ समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं, टुडू जंगलमहल के जनजातीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि प्रामाणिक उत्तर बंगाल के प्रभावशाली राजबंशी नेता माने जाते हैं। भाजपा के पहले मंत्रिमंडल में दो मंत्री उत्तर बंगाल और तीन दक्षिण बंगाल से हैं।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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