कब होगा एनसीपी का विलय, सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनते ही बदलने लगे समीकरण?
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बाद एक बार फिर एनसीपी के विलय की चर्चा हो रही है। हालांकि एनसीपी के नेता इस मामले पर चुप हैं। वहीं पियूष गोयल ने कहा कि निकट भविष्य में ऐसा नहीं होने वाला है।
अजित पवार के निधन के बाद शनिवार को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। इसके बाद एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार) के विलय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि एनसीपी नेताओं ने इसको लेकर चुप्पी साध रखी है। वहीं जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें निकट भविष्य में ऐसा होने की कोई उम्मीद नहीं है।
दूसरी ओर, एनसीपी (SP) के नेताओं ने दावा किया कि अजित पवार दोनों गुटों के विलय की इच्छा रखते थे लेकिन पार्टी प्रमुख शरद पवार ने स्वीकार किया कि अब इस प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। NCP के एक गुट का नेतृत्व अजित पवार कर रहे थे और दूसरे गुट की कमान उनके चाचा शरद पवार के पास है। अजित पवार का दो दिन पहले विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में 'महायुति' सरकार के हिस्से के रूप में NCP ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर एक सवाल के जवाब में कहा, "व्यक्तिगत रूप से मुझे ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।" उन्होंने कहा कि राकांपा का नेतृत्व ''पहले अजित पवार के पास था और अब सुनेत्रा पवार जी के पास है।''
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि शरद पवार को एनसीपी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा क्योंकि उन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है।"
मुंबई में एनसीपी नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले हुई एक उच्च स्तरीय बैठक से बाहर निकलते हुए तटकरे ने कहा, "इस मामले पर अभी हमारे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।"
एनसीपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता सत्तारूढ़ भाजपा-राकांपा-शिवसेना गठबंधन के भीतर स्थिरता बनाए रखना है। एनसीपी(SP) प्रमुख शरद पवार ने आज सुबह बारामती में कहा कि अजित पवार और राकांपा (शप) नेता जयंत पाटिल पिछले चार महीनों से विलय की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे थे।
शरद पवार ने कहा, ''सभी चर्चाएं उनके स्तर पर हुईं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि विमान दुर्घटना के बाद प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन दुर्घटना ने प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया।'' उन्होंने कहा, ''दोनों गुटों को एकजुट करना अजित की इच्छा थी, और अब हमारी आकांक्षा है कि उनकी यह इच्छा पूरी हो।'' ईश्वरपुर में जयंत पाटिल ने दावा किया कि विलय की रूपरेखा को जनवरी के मध्य में अंतिम रूप दे दिया गया था और 12 फरवरी को इसकी औपचारिक घोषणा की जानी थी। पाटिल ने कहा कि उन्होंने अजित पवार के साथ कई बैठकें कीं, जो शरद पवार के मार्गदर्शन में दोनों पक्षों को फिर से एक साथ लाने पर "बहुत जोर" दे रहे थे।

लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
और पढ़ें



