जैसे ही मानी उनकी मांग, फौरन मुकर गए राहुल गांधी; मुलाकात करने वाले केंद्रीय मंत्री के क्या आरोप?
X पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा कि सरकार ने विरोध शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर उनकी मांग मान ली थी, लेकिन जल्द ही गांधी ने उसमें एक और मांग जोड़ दी। गांधी ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत के लिए भेजे गए प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री (MoS) (PMO) जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाया है। जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए आश्वासन दिया गया, लेकिन फिर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
धरना स्थल पर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी।
अपने वादे से पलट गए राहुल गांधी
सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो वह धरना समाप्त कर देंगे। उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को जैसे ही यह आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, तब वह अपने वादे से पलट गए और नई मांग करने लगे।
मर्यादाओं के अनुरूप नहीं आचरण
सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं। सिंह ने कहा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई
उन्होंने कहा कि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक इस गंभीर विषय पर नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। राहुल गांधी या कांग्रेस की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बीच, पुलिस ने धरना दे रहे सभी कांग्रेसी नेताओं को पीएम आवास के पास से जबरन हटा लिया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनका साथ देने आए अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें छत्रसाल स्टेडियम पहुंचा दिया है।


