अष्टमी पर शराब बैन; भाजपा ने पलटे ममता बनर्जी के नियम, अब ऐसे होगी दुर्गा पूजा
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े उत्सव यानी दुर्गा पूजा का रंग अलग नजर आने वाला है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अष्टमी पर शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी रोक लगा दी है। वहीं, डीजे और विसर्जन संबंधी कई बड़े ऐलान किए हैं।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पहला दुर्गा पूजा उत्सव (Durga Puja) मनाया जाना है। इस बार राज्य का सबसे बड़ा उत्सव अलग होने जा रहा है। दरअसल, इसकी वजह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तरफ से दिए गए नए निर्देश हैं। इसके तहत भाजपा सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों को दिए जाने वाले अनुदान में 10 हजार रुपये की कटौती की है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने अष्टमी पर ड्राय डे घोषित कर दिया है। इनके अलावा भी भाजपा सरकार ने डीजे समेत कई प्रतिबंधों का ऐलान किया है।
पारंपरिक त्योहार कैलेंडर- मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि महालय से पहले दुर्गा पूजा की शुरुआत नहीं की जाएगी। इस तरह, कई वर्षों से जल्दी शुरुआत होने के बाद अब पारंपरिक त्योहार कैलेंडर के हिसाब से काम होगा। दरअसल, महालय देवी पक्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
नहीं होगा कार्निवल- उन्होंने कहा कि सरकार इस साल दुर्गा पूजा कार्निवल आयोजित नहीं करेगी, जो पिछली सरकार की एक खास पहचान थी। उन्होंने कहा, 'जो कार्निवल थोपा गया था, वह अब नहीं होगा।'
डीजे पर रोक- राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा समारोह के दौरान डीजे पर पूरी तरह से रोक लगाने की भी घोषणा की। साथ ही पूजा के लिए हाईवे ब्लॉक नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोलकाता में 14 सड़कें पूजा के लिए बंद नहीं होंगी।
प्रतिमा विसर्जन समय सीमा- शुभेंदु के मुताबिक, राज्य सरकार ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 24 अक्टूबर की समय-सीमा भी तय की है, क्योंकि 25 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा है।
क्रेन की अनुमति नहीं- उन्होंने कहा कि विसर्जन घाटों पर क्रेन की अनुमति नहीं होगी और शोभा यात्रा को राष्ट्रीय राजमार्गों को बाधित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अनुदान में भी हो गया बदलाव
अधिकारी ने दुर्गा पूजा समितियों को इस साल एक-एक लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। यह राशि पिछले साल दी गई सहायता से 10 हजार रुपये कम है। उन्होंने बड़े बजट वाली दुर्गा पूजा समितियों से स्वेच्छा से सहायता राशि नहीं लेने की अपील की। शुभेंदु ने यहां मिलन मेला मैदान में दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इन निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार उन समितियों को अनुदान देगी, जिन्हें वित्तीय सहायता की जरूरत है।
शुभेंदु ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री के अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहता। मैं उन लोगों से गुजारिश करूंगा जो सक्षम हैं वो आर्थिक मदद न लें। जो समितियां इस राशि के बिना पूजा का आयोजन नहीं कर सकतीं, उन्हें सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।' उन्होंने यह तय करने का जिम्मा पूजा समितियों पर छोड़ दिया कि वे अनुदान लेना चाहती हैं या नहीं।
उन्होंने कहा, 'पूर्व मुख्यमंत्री जो कर रही थीं, वह सही नहीं था। यह अनुदान 25000 रुपये से शुरू होकर 1.10 लाख रुपये तक पहुंच गया। इससे चुनावों में कोई मदद नहीं मिली। कई समितियां इस पर निर्भर हो गई हैं।'
नहीं देना होगा बिजली शुल्क
बंगाल सरकार ने राज्य भर की पूजा समितियों के लिए बिजली शुल्क पूरी तरह से माफ करने की भी घोषणा की। उसने कहा कि पूजा समितियों को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र लेने के लिए भी कोई शुल्क अदा नहीं करना होगा।
नहीं बिकेगी शराब
अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि इस वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री और परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा, 'महाअष्टमी के दिन सभी प्रकार की शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे।' आयोजकों से त्योहार की पवित्रता बनाये रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मूर्तियों के डिजाइन, पंडालों, थीम और सजावट से दुर्गा पूजा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
शुभेंदु ने कहा कि महालय के मौके पर ईडन गार्डन में सरकार की ओर से दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि चार घंटे चलने वाले इस कार्यक्रम में ड्रोन और आतिशबाजी का प्रदर्शन भी होगा।


