डीके शिवकुमार से क्या था CCD के मालिक का रिश्ता, घर पर पड़ा था IT का छापा; नदी में कूदकर क्यों दे दी थी जान?

लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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सिद्धार्थ और डीके शिवकुमार बहद करीबी दोस्त थे। दोनों परिवारों के बीच मित्रता थी। दोनों ही लोग राज्य के वोक्कलिगा समुदाय से आते थे। उनके लापता होने पर तब कांग्रेस के बड़े नेता डी के शिवकुमार ने इसके पीछे बड़ी साजिश के आरोप लगाए थे।

डीके शिवकुमार से क्या था CCD के मालिक का रिश्ता, घर पर पड़ा था IT का छापा; नदी में कूदकर क्यों दे दी थी जान?

बात जुलाई 2019 की है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस एम कृष्णा के दामाद और भारत की सबसे बड़ी कॉफी चेन कंपनी कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक और संस्थापक वीजी सिद्धार्थ बेंगलुरु से अचानक लापता हो जाते हैं। दो दिन बाद बेंगलुरु से करीब 375 किलोमीटर दूर मंगलौर के करीब नेत्रावती नदी से उनकी लाश बरामद होती है। वहां तक वह अपनी कार में ड्राइवर के साथ पहुंचे थे। फिर ड्राइवर से कुछ कहकर कार से उतर गए थे और अचानक लापता हो गए थे। दो दिन बाद उनकी लाश बगल की नदी से बरामद हुआ था। इस तरह 58 साल के मशहूर बिजनेसमैन का त्रासद अंत हो जाता है। लापता होने से पहले वीजी सिद्धार्थ ने कंपनी बोर्ड को एक निराशाभरी चिट्ठी लिखी थी।

उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें भारी कर्ज और वित्तीय दबाव में होने की बात का उल्लेख किया था। उनकी कंपनी पर तब करीब 7000 करोड़ रुपये का कर्ज था। नोट में उन्होंने प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स और आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया था। आयकर विभाग के अधिकारियों ने 2017 में उनके ठिकानों पर रेड मार कर 650 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी का आरोप लगाया था।

डीके शिवकुमार के ठिकानों पर भी पड़ी थी रेड

आयकर विभाग ने तब सिद्धार्थ के बेंगलूरु, हासन, चेन्नई और मुंबई समेत देशभर में लगभग 25 स्थानों पर छापेमारी की थी। इससे पहले अगस्त में कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। इन छापों के बाद कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे। इससे पहले भी शिवकुमार के 39 ठिकानों पर रेड मारी गई थी, जिसमें 10 करोड़ कैश बरामद किया गया था। बता दें कि डीके शिवकुमार ही वह शख्स थे जिन्होंने गुजरात के 44 विधायकों की बेंगलुरु में अपने रिजॉट में मेहमनानवाजी की थी ताकि गुजरात के राज्यसभा चुनाव में भाजपा को हराया जा सके।

डीके शिवकुमार से क्या रिश्ता?

दरअसल, वीजी सिद्धार्थ और डीके शिवकुमार बहद करीबी दोस्त थे और दोनों परिवारों के बीच मित्रता थी। दोनों ही लोग राज्य के वोक्कलिगा समुदाय से आते थे। उनके लापता होने पर तब कर्नाटक कांग्रेस के बड़े नेता डी के शिवकुमार ने इसके पीछे बड़ी साजिश के आरोप लगाए थे। डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि इस मामले में कुछ "गड़बड़" है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "मुझे यह मामला बेहद संदिग्ध लग रहा है और मैं मांग करता हूं कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाए।" डीके शिवकुमार ने उनके सुसाइड नोट पर भी आशंका जताई थी और उसे संदिग्ध करार दिया था।

शिवकुमार से नजदीकी होने की वजह से उत्पीड़न?

तब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि डीके शिवकुमार से नजदीकी होने की वजह से ही वीजी सिद्धार्थ को केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। पार्टी नेतृत्व से नजदीकी रखने वाले और कई मौकों पर पार्टी के लिए संकटमोचक बने डीके शिवकुमार अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने की राह पर हैं। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पद छोड़ने का फैसला किया है। अब से थोड़ी देर पहले ही उन्होंने लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। माना जा रहा है कि डी के शिवकुमार अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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