सिंधु जल संधि पर कोर्ट का फैसला देख भड़का भारत, कहा- पाकिस्तान को नहीं देंगे एक भी बूंद पानी

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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कोई भी मध्यस्थता अदालत, विशेष रूप से वह जिसका कानून की नजर में कोई अस्तित्व ही नहीं है, भारत के संप्रभु अधिकारों के तहत की गई कार्रवाई की वैधता की जांच करने का अधिकार क्षेत्र नहीं रखती है।

सिंधु जल संधि पर कोर्ट का फैसला देख भड़का भारत, कहा- पाकिस्तान को नहीं देंगे एक भी बूंद पानी

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। भारत ने शनिवार को एक कथित मध्यस्थता अदालत द्वारा 15 मई को जारी किए गए फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस अवैध रूप से गठित निकाय को मान्यता नहीं देता है और सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला अब भी लागू है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा, 'अवैध रूप से गठित कथित मध्यस्थता न्यायालय ने 15 मई को अधिकतम जल ग्रहण क्षेत्र से संबंधित एक फैसला दिया है, जो सिंधु जल संधि की सामान्य व्याख्या के मुद्दों पर दिए गए फैसलों का पूरक है। भारत इस तथाकथित फैसले को पूरी तरह से खारिज करता है, ठीक उसी तरह जैसे उसने अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय के सभी पूर्व निर्णयों को दृढ़ता से खारिज किया है।'

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न्यायालय द्वारा जारी कोई भी कार्यवाही या निर्णय अमान्य है। सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का निर्णय बरकरार है।

सिंधु जल संधि को क्यों किया गया स्थगित?

भारत ने पिछले साल जून में ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मध्यस्थता निकाय का गठन स्वयं सिंधु जल संधि का एक गंभीर उल्लंघन है। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने धिकारों का उपयोग करते हुए सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। भारत का रुख साफ है कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन विश्वसनीय रूप से बंद नहीं कर देता।

संधि स्थगित होने के मायने

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जब तक संधि स्थगित है। भारत इस संधि के तहत अपने किसी भी दायित्व को निभाने के लिए बाध्य नहीं है। कोई भी मध्यस्थता अदालत, विशेष रूप से वह जिसका कानून की नजर में कोई अस्तित्व ही नहीं है, भारत के संप्रभु अधिकारों के तहत की गई कार्रवाई की वैधता की जांच करने का अधिकार क्षेत्र नहीं रखती है।

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Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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