जो करना है करो, मुझे आपत्ति नहीं; बेटे के एनकाउंटर की खबर सुन क्या बोलीं मां
11 साल की बच्ची के साथ हुई घटना के बाद क्षेत्र में भयंकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। लोगों ने बारुईपुर-जयनगर रोड पर यातायात को जाम कर दिया, टायर जलाए। तब आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हिंसा भी की थी।

पश्चिम बंगाल में पुलिस एनकाउंटर में बारुईपुर दुष्कर्म कांड के एक आरोपी प्रभास मंडल की मौत हो गई है। आरोपी की मां का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा है कि उनके बेटे ने गलती की थी, जिसकी सजा मिली। देर रात क्राइम सीन रीक्रिएट किए जाने के दौरान मंडल ने भागने की कोशिश में पुलिस की बंदूक छीन गोलियां चला दी थीं, जिसके बाद हुई कार्रवाई में वह मारा गया। उस पर 11 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप थे। पुलिस ने कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
क्या बोलीं मंडल की मां
एएनआई से बातचीत में संध्या मंडल ने कहा, 'दो पुलिसवाले घर पर आए। इसके बाद मैं उठी। उन्होंने बताया कि बेटा मर गया है, तो क्या आप अस्पताल जाना चाहती हैं। मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती, क्योंकि पति की तबीयत ठीक नहीं है। मैंने उन्हें कहा कि वो जो चाहे करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। बेटे ने जो किया है, उसे उसकी सजा मिली है। मैं उसका शव भी स्वीकार नहीं करूंगी।'
उन्होंने कहा, 'घर पर उसका शव लेकर नहीं आएंगे। उसने कुछ अच्छा नहीं किया है। उसने गलत किया और उसे सजा मिली। उसे मार दें या जो चाहे करें। मुझे आपत्ति नहीं है। उसका शव स्वीकार नहीं करूंगी।'
नशे के लगाए आरोप
उसकी मां ने कहा, 'उसने जो किया, उसे उसकी सजा मिल गई।' उन्होंने बताया कि पुलिस उनके घर आई, बेटे की पहचान की पुष्टि की और पूछा कि क्या वह उसे देखना चाहती है। संध्या मंडल ने कहा, 'मैं उसका चेहरा नहीं देखना चाहती। मैं शव लेने नहीं जाऊंगी, और परिवार का कोई भी सदस्य भी नहीं जाएगा।' उन्होंने कहा कि उनका बेटा लंबे समय से नशे का आदी था और उनकी कोई बात नहीं सुनता था।
CCTV में दिखा था
खबर है कि दुष्कर्म और हत्या से पहले मंडल को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। चार जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे में मिला था। आरोप है कि लड़की की हत्या करने से पहले उससे कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।
देर रात हुआ एनकाउंटर
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। ऐसे में जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी।
उन्होंने कहा, 'इसी दौरान उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।'
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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