Hindi NewsIndia NewsWhat supreme court said when a married lady claims of rape and fake promise of marriage
भरोसा नहीं होता कि शादीशुदा महिला को झांसा देकर सेक्स संबंध बना लिए, रेप केस में बोला सुप्रीम कोर्ट

भरोसा नहीं होता कि शादीशुदा महिला को झांसा देकर सेक्स संबंध बना लिए, रेप केस में बोला सुप्रीम कोर्ट

संक्षेप:

पेश मामले में शिकायतकर्ता महिला जो खुद 33 साल की एक वकील और शादीशुदा होने के साथ एक बच्चे की मां भी हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी कि आरोपी के खिलाफ सितंबर 2022 में शारीरिक संबंध बनाए। पढ़ें पूरी खबर।

Feb 06, 2026 09:15 am ISTNisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि इस बात पर भरोसा करना ​​मुश्किल है कि एक विवाहित महिला को शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने के लिए उकसाया गया था। शीर्ष अदालत ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमा रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि इस अदालत ने बार-बार कहा है कि सिर्फ व्यक्ति ने शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हर मामले में यह दुष्कर्म का अपराध होगा।

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पीठ ने कहा कि आईपीसी की धारा 375 के तहत अपराध तभी बनता है, जब आरोपी ने शादी का वादा सिर्फ यौन संबंध बनाने के लिए सहमति लेने के मकसद से किया हो और शुरू से ही उसका इरादा वादा पूरा करने का न हो। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने मामले में आरोपी वकील के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म का मुकदमा रद्द करने से इनकार कर दिया।

जस्टिस नागरत्ना ने फैसले में कहा कि कथित रिश्ते की पूरी अवधि के दौरान शिकायतकर्ता महिला शादीशुदा थी क्योंकि उसका तलाक का मुकदमा अभी भी कोर्ट में लंबित था। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता महिला जो खुद भी एक वकील है, कानून की इस स्थापित स्थिति से अनजान थी और इसलिए अपीलकर्ता आरोपी ने उसे शादी के बहाने अलग-अलग मौकों पर यौन संबंध बनाने के लिए बहकाया और उकसाया, खासकर जब दोनों पक्षों को शिकायतकर्ता की वैवाहिक स्थिति के बारे में पता था। इसके साथ ही पीठ ने मामले में वकील के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म का मुकदमा रद्द कर दिया।

यह था मामला

पेश मामले में शिकायतकर्ता महिला जो खुद 33 साल की एक वकील और शादीशुदा होने के साथ एक बच्चे की मां भी हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी कि आरोपी के खिलाफ सितंबर 2022 में शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने दावा किया कि यह रिश्ता जनवरी 2025 तक चला, इस दौरान वह गर्भवती हो गई और उन्हें जबरदस्ती गर्भपात करवाना पड़ा। जब उसके परिवार के साथ टकराव हिंसक हो गया, तो उसने फरवरी 2025 में आरोपी वकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था।

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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