
हादी की मौत में भारत का नाम लेने पर भड़कीं यूनुस की दुश्मन, बांग्लादेश के हाल बता सुनाया
India-Bangladesh Tensions: बांग्लादेश में इंकलाब मंच ने अपने नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में दायर पुलिस के आरोपपत्र को खारिज कर दिया। आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सरकारी तंत्र भी शामिल है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उस्मान हादी की मौत के तार भारत से जोड़े जाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इस घटना को भारत से जानबूझकर जोड़ने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्होंने इसे 'मनगढंत कहानी' करार दिया है। उन्होंने कहा है कि ये बात दोनों देशों के रिश्तों को कमजोर करते हैं। बीते साल 12 दिसंबर को हादी की गोली मार दी गई थी। इसके 6 दिनों बाद उनकी मौत हो गई थी।
एनडीटीवी से बातचीत में हसीना ने कहा, 'शरीफ उस्मान हादी की हत्या बहुत ही दुखद और निंदनीय घटना थी, जो अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश को खत्म कर रही चुनावी हिंसा और अराजकता का नतीजा थी।' उन्होंने आरोप लगाया कि आगे हिंसा को रोकने के लिए फैसले लेने के बजाए हादी की मौत का कट्टरपंथियों ने फायदा उठाया।
भारत से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई
हसीना ने कहा, 'भारत के साथ इस केस को जोड़ने की कोशिश जानबूझकर की गई थी और पूरी तरह से निराधार थी। ये कट्टरपंथी ताकतों की तरफ से फैलाई गईं थीं, जो बांग्लादेश के सबसे करीबी सहयोगी के प्रति दुश्मनी में पनपते हैं। ये आंतरिक सरकार की असफलताओं को विदेशी साजिश के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'ये नजरिया बांग्लादेश की जनता का नहीं है और ये हमारे देश के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं। भारत हमारा सबसे करीबी सहयोगी है और हम दो देशों ने कई दशकों तक कारोबारी और कूटनीतिक रिश्ते बनाए हैं और ये हमारे क्षेत्र की स्थिरता को सुनिश्चित करते हैं।'
हसीना ने कहा, 'विदेश नीति का को लेकर यूनुस सरकार का रवैया दूरदर्शिता की कमी वाला है। साथ ही ये बहुत ही खतरनाक भी है।'
इंकलाब मंच ने हादी की हत्या मामले में दायर आरोप पत्र खारिज किया
बांग्लादेश में इंकलाब मंच ने अपने नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में दायर पुलिस के आरोपपत्र को खारिज कर दिया। आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सरकारी तंत्र भी शामिल है। बांग्ला समाचार पत्र प्रथम ऑलो की खबर के अनुसार पार्टी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो जिन लोगों ने 'खून बहाया है', उन्हें 'खून का जवाब खून से' देने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) ने हत्या के मामले में मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद समेत 17 लोगों के खिलाफ मंगलवार को औपचारिक आरोप पत्र दायर किया। पुलिस का कहना है कि अवामी लीग समर्थित वार्ड काउंसलर तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के कहने पर “राजनीतिक प्रतिशोध” के तहत हादी की हत्या की गई।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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