मैं यहां किसी को प्रवचन देने नहीं आया बल्कि..., नारी शक्ति वंदन ऐक्ट पर क्या बोले PM मोदी

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे अहम फैसलों में से एक बताया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं ने अपनी अलग ही विरासत स्थापित की है।

मैं यहां किसी को प्रवचन देने नहीं आया बल्कि..., नारी शक्ति वंदन ऐक्ट पर क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे अहम फैसलों में से एक बताया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं ने अपनी अलग ही विरासत स्थापित की है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण भी दिया। उन्होंने अधिनियम के समर्थन पर विपक्ष की तारीफ भी की है।

राजधानी दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, 'मैं यहां किसी को उपदेश देने या किसी को जगाने नहीं आया हूं। मैं यहां सिर्फ इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं।' उन्होंने कहा, 'लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों के और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है।'

विपक्ष की तारीफ

पीएम मोदी ने इस ऐक्ट पर समर्थन के लिए विपक्ष की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, '2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था, तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था। तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि इसे हर हाल में 2029 तक लागू हो जाना चाहिए। खासकर, हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने मुखर होकर इस बात पर जोर डाला था कि 2029 में ये लागू हो जाना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास और प्राथमिकता है कि इस बार भी ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था। इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरीमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी।'

राष्ट्रपति का दिया उदाहरण

पीएम मोदी ने कहा, 'इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति जी से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं। उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है।' उन्होंने कहा, 'हमारे देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं भी हैं। आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। लगभग 21 राज्यों में तो पंचायतों में उनकी भागीदारी करीब-करीब 50% तक पहुंच चुकी है।'

काम गिनाए

पीएम मोदी ने इस दौरान मैटरनिटी लीव समेत कई फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं। देश के स्टार्टअप रिवोल्युशन को भी महिलाएं लीड कर रही हैं। आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।'

उन्होंने कहा, 'महिलाओं के करियर पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए हमने मैटरनिटी लीव को भी बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। दुनिया के समृद्ध देशों में भी ये सुविधा नहीं है। जब मैं उनको इसके बारे में बताता हूं, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह जाती हैं।'

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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