मोदी जी एहसान नहीं बस न्याय मांग रही हूं, PM से बोलीं केतन अग्रवाल की मां
केतन अग्रवाल पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी थी। 18 जून को लोनावला स्थित लोहागढ़ फोर्ट में ऊंचाई से गिरने के चलते उनकी मौत हुई थी। इस हत्या के आरोप में उनकी मंगेतन सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया था।

केतन अग्रवाल, पुणे के कारोबारी की हत्याकांड की जांच जारी है। इसी बीच उनकी मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही कहा है कि वह कोई एहसान नहीं मांग रहीं हैं। उन्होंने कहा है कि केतन की मौत के जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। युवा कारोबारी की लोनावला स्थित लोहागढ़ फोर्ट से गिरकर मौत हो गई थी। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी है।
राखी अग्रवाल ने लिखा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे अपने बेटे के लिए न्याय के लिए आपको पत्र लिखना पड़ेगा। हर मां की तरह मैंने भी केतन को अच्छा जीवन जीते, शादी करते और हमारे साथ ही बड़ा होते देखने का सपना देखा था। हुआ यह कि मुझे बच्चे का अंतिम संस्कार करना पड़ा।' उन्होंने लिखा है कि एक मां के लिए इससे बड़ा और कोई भी दर्द नहीं होता है।
उन्होंने लिखा, 'बेटे की क्रूर हत्या कर दी गई और उसके साथ पूरी दुनिया ही चली गई। घर का हर कोना मुझे उसकी याद दिलाता है। उसका कमरा, उसके कपड़े, उसकी तस्वीरें और उसकी हंसी की जगह लेने वाली खामोशी मुझे याद दिलाती है कि अब वह वापस नहीं आएगा।'
उन्होंने लिखा, 'केतन की मौत के सिर्फ 20 दिन बाद ही परिवार ने ससुर की मौत के रूप में दूसरा दर्द झेला। वह केतन को बहुत प्यार करते थे और अपने पोते को खोने का दुख बर्दाश्त नहीं कर सके। कुछ दिनों में ही परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया है।'
PM से अपील
उन्होंने कहा, 'मोदी जी मैं सिर्फ एक मां हूं। मैं कोई हमदर्दी या एहसान के लिए नहीं कह रही हूं। मैं सिर्फ न्याय मांग रही हूं। न्याय के बगैर हर गुजरता दिन हमारी तकलीफ बढ़ाता है। केतन वापस नहीं आ सकता, लेकिन जो लोग उसकी जान लेने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बस इतना चाहती हूं कि मेरे बेटे को इंसाफ मिले।'
उन्होंने लिखा, 'मैं हाथ जोड़कर आपसे अनुरोध करती हूं कि इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि इस केस पर ध्यान जाए और बगैर देरी के न्याय मिले। प्लीज केतन को एक और केस फाइल मत बनने दीजिए। वह किसी का बेटा था, किसी का पोता था, किसी का भाई था, लेकिन मेरे लिए वो पूरी दुनिया था। हर रात मैं जब भी उसकी तस्वीर देखती हूं और कहती हूं कि बेटा, मां अब भी तेरे लिए लड़ रही है। मैं सिर्फ प्रार्थना करती हूं कि एक दिन उसे कह सकूं कि बेटा तुझे इंसाफ मिल गया।'
उन्होंने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि आप एक मां की आवाज सुनेंगे।'
केस का क्या हुआ
3 जुलाई को पुलिस ने सिया और चेतन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दोनों पर आरोप हैं कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में एक चट्टान से धक्का देकर अग्रवाल की हत्या की। अग्रवाल और गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। जुलाई में ही केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल का 71 साल की उम्र में निधन हो गया था।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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