
बेंगलुरु में असली वाला नहीं मिलता, गांव से मंगवाओ; DKS के घर नाश्ते से पहले सिद्धा की कैसी फरमाइश?
नाश्ते के बाद सिद्धारमैया का मिजाज बिल्कुल शांत और बदला नजर आया। उन्होंने कहा कि उनके और उपमुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है और वे दोनों एकजुट होकर सरकार चला रहे हैं तथा भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे।
Karnataka Political Row: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के आवास पर आज (मंगलवार, 02 दिसंबर) को सुबह नाश्ता करने के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहुंचे थे। इससे पहले शनिवार को शिवकुमार सीएम के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री को ब्रेकफास्ट में उन्हें उनका पंसदीदा व्यंजन ‘नटी कोली सारू’ (देशी चिकन करी) और इडली परोसा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि नाश्ते की मेज पर ‘नटी कोली सारू’ और इडली के साथ ही ‘नटी कोली’ फ्राई, वड़ा, पोंगल सहित कई व्यंजन थे।
राज्य में नेतृत्व विवाद के बीच दोनों नेताओं ने कुछ दिन पूर्व भी साथ में नाश्ता किया था। मंगलवार को सिद्धारमैया सदाशिवनगर स्थित उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आवास पहुंचे, जहां शिवकुमार और उनके भाई डी. के. सुरेश ने उनका स्वागत किया। नाश्ते में शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजन परोसे गए। नाश्ते की मेज पर सुरेश और कुनीगल से विधायक एवं शिवकुमार के रिश्तेदार एच. डी. रंगनाथ भी उनके साथ थे।
बेंगलुरु में असली वाला नहीं मिलता
बाद में पत्रकारों से बातचीत में सिद्धरमैया ने कहा कि शनिवार को जब शिवकुमार नाश्ते के लिए मुख्यमंत्री आवास आए थे, तभी उन्होंने मुझे आमंत्रित कर दिया था। दोनों स्थानों में व्यंजनों में अंतर के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनके (शिवकुमार के) घर पर मांसाहार था, जबकि मेरे घर पर शाकाहार। वह शाकाहारी हैं, मैं मांसाहारी हूं। मैंने मांसाहार नहीं बनवाया था। मैंने डीके से कहा था कि गांव से चिकन ले आओ, क्योंकि बेंगलुरु में असली वाला नहीं मिलता।’’
सिद्धारमैया का मिजाज बिल्कुल शांत नजर आया
मनपसंद नाश्ते के बाद सिद्धारमैया का मिजाज बिल्कुल शांत और बदला नजर आया। उन्होंने कहा कि उनके और उपमुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है और वे दोनों एकजुट होकर सरकार चला रहे हैं तथा भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने एक बार फिर से कहा कि नेतृत्व के मुद्दे पर वह और शिवकुमार, दोनों कांग्रेस आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब आलाकमान फैसला करेगा तो शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।
शिवकुमार कब मुख्यमंत्री बनेंगे?
बता दें कि अभी तक आलाकमान की ओर से इस मामले पर किसी भी फैसले की समय-सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर वे (आलाकमान) हमें बुलाएंगे, तो हम ज़रूर जाकर उनसे मिलेंगे। कल मैं एक समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मिलूंगा, जहां हम दोनों को आमंत्रित किया गया है।’’ यह पूछे जाने पर कि शिवकुमार कब मुख्यमंत्री बनेंगे, इस पर सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘जब आलाकमान कहेगा।’’
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर क्या बोले CM
उन्होंने बताया कि शिवकुमार ने उन्हें नाश्ते पर आमंत्रित किया था। नाश्ते के बाद उन्होंने और उपमुख्यमंत्री ने बेलगावी में आठ दिसंबर से शुरू होने वाले आगामी विधानसभा सत्र और उसके लिए अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने राज्य से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद सत्र के दौरान आठ दिसंबर को दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों की एक बैठक आयोजित करने पर भी चर्चा की। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में सिद्धरमैया ने कहा कि इस पर फैसला आलाकमान को लेना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विपक्षी भाजपा और जनता दल (एस) द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाए जाने और कई मुद्दे उठाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनका ‘आक्रामक’ ढंग से सामना करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘किसान समर्थक’ है और उन्होंने राज्य में गन्ना और मक्का किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र इस संबंध में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है।





