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क्या है संचार साथी? जिसे हर एक फोन में इंस्टॉल कराना चाह रही सरकार, जानें मकसद

क्या है संचार साथी? जिसे हर एक फोन में इंस्टॉल कराना चाह रही सरकार, जानें मकसद

संक्षेप:

विभाग के अधिकारी के अनुसार, अभी यूजर्स को वेबसाइट पर जाकर रिपोर्ट करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है। ऐप आने से यह प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। यूजर को अपना IMEI नंबर याद रखने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

Dec 01, 2025 11:52 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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दूरसंचार विभाग ने सोमवार को सभी मोबाइल निर्माताओं और आयातकों को एक अहम निर्देश जारी किया। इसमें कहा गया कि भारत में बिक्री के लिए बनाए या आयात किए जाने वाले सभी नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए। पहली बार फोन चालू करने या सेटअप के समय यह ऐप यूजर को साफ-साफ दिखना चाहिए और उसे किसी भी तरह से बंद या सीमित नहीं किया जा सकता है। संचार साथी ऐप और पोर्टल मई 2023 में शुरू किया गया था। चलिए जानते हैं कि इसके मुख्य काम क्या हैं...

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संचार साथी ऐप के क्या काम हैं?

  • आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं, यह जान सकते हैं।
  • खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट करना और उन्हें ब्लॉक करना।
  • धोखाधड़ी वाले वेब लिंक की रिपोर्ट करना।
  • आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं, यह जान सकते हैं।
  • बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संपर्क नंबर चेक करना।
  • संदिग्ध फ्रॉड या स्पैम की आसानी से रिपोर्ट करना।
  • हैंडसेट असली है या नकली, यह जांच सकेंगे।
  • भारतीय नंबर दिखाकर आने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की रिपोर्ट करना।

विभाग के अधिकारी के अनुसार, अभी यूजर्स को वेबसाइट पर जाकर रिपोर्ट करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है। ऐप आने से यह प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। यूजर को अपना IMEI नंबर याद रखने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

संचार साथी वेबसाइट से जुड़े अब तक के कुछ आंकड़े-

  • 42.14 लाख से ज्यादा मोबाइल ब्लॉक किए जा चुके हैं।
  • 26.11 लाख से ज्यादा खोए/चोरी हुए फोन ट्रेस किए गए।
  • 288 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने नाम पर रजिस्टर्ड कनेक्शन की जानकारी मांगी, जिनमें से 254 लाख से ज्यादा का समाधान हो चुका है।
  • ऐप के 1.14 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हैं।
  • गूगल प्ले स्टोर से 1 करोड़+ और एपल स्टोर से 9.5 लाख+ डाउनलोड हुए हैं।

बता दें कि जो डिवाइस पहले से बन चुके हैं और बिक्री चैनल में हैं, उनके लिए सरकार ने निर्माताओं को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए संचार साथी ऐप इंस्टॉल करने को कहा है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, यह कदम नागरिकों को नकली हैंडसेट खरीदने से बचाने, टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग की आसान रिपोर्टिंग सक्षम करने और संचार साथी पहल को और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। Apple, Samsung, Xiaomi, Oppo, Vivo जैसे बड़े OEMs को इस नियम का पालन करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इस बारे में रिपोर्ट 120 दिनों में जमा करनी होगी।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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