भारत-अमेरिका की ट्रेड डील में क्या-क्या सुरक्षित, सरकार ने बताया; देख लीजिए लिस्ट
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। सरकार में स्पष्ट किया है कि मुख्य कृषि उत्पाद इस डील से सुरक्षित रहेंगे। इनमें सब्जियां, फल, अनाज, दुग्ध उत्पाद और मसाले शामिल हैं।
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्ट टैरिफ को खत्म कर रहा है। इसके अलावा टैरिफ 25 प्रतिशत से घटकर 18 फीसदी रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अमेरिका और भारत ने शनिवार को संयुक्त बयान में अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका भारत पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। वहीं भारत, अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयां, रत्न एवं हीरा तथा विमान के कल-पुर्जे सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और 'मेक इन इंडिया' को और बढ़ावा मिलेगा।
समझौते में क्या-क्या सुरक्षित
गोयल ने कहा, ''यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस आदि जैसे संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूर्ण रूप से संरक्षित किया गया है।
ट्रेड डील में कौन से अनाजों को संरक्षण
इस ट्रेड डील के तहत भारत में पैदा होने वाले प्रमुख कृषि उत्पादों को संरक्षित किया गया है। इनमें गेहूं कोपरा, स्यामक, कोदो, बाजरा, कांगनी, ओट्स, मैदा, ज्वार, जौ, चावल, मक्का, अमरंथ, रागी, छिल्का रहित अनाज और आटे वाले अनाज शामिल हैं।
ये सब्जियां सुरक्षित
भारत औऱ अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में प्याज, आलू, मटर, फलियां, मशरूम, तोरी, कुंदरू, भिंडी, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, काबुली चना और शकरकंद को शामिल नहीं किया गया है। यानी ये उत्पाद बाहर से नहीं आएंगे। फलों की बात करें तो केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संरक्षित चेरी, सूखा आलू बुखारा, सूखा सेब, इमली, सिंघाड़ा गिरी, सूखे फल, संतरा, मैंडरिन, चकोतरा, नींबू और अंगूर को भी डील में सुरक्षित रखा गया है।
दुग्ध उत्पादों को भी सरक्षण
भारतीय दुग्ध उत्पादों को भी डील से अलग रखा गया है। इसमें दूध, क्रीम, योगहर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, चीज, बटर ऑइल, पनीर और अन्य उत्पाद शामिल हैं। मसालों की बात करें तो काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, चक्रमर्द, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसालों को संरक्षित रखा गया है।
लेखक के बारे में
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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