Hindi NewsIndia NewsWhat is a Rocket Force and why is it important for India Army Chief has made demand for it
क्या है रॉकेट फोर्स, भारत के लिए यह क्यों जरूरी? चीन-पाकिस्तान से कैसी चुनौती

क्या है रॉकेट फोर्स, भारत के लिए यह क्यों जरूरी? चीन-पाकिस्तान से कैसी चुनौती

संक्षेप:

मौजूदा हालात में रॉकेट और मिसाइल फोर्स जरूरत बन चुकी है तथा सरकार भी इस पर सहमत है। अब फैसला यह होना है कि यह फोर्स सेना के भीतर रहेगी या रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में होगी।

Jan 14, 2026 10:04 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
share Share
Follow Us on

What is rocket force: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत को अब रॉकेट-मिसाइल फोर्स की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को ऐसी फोर्स चाहिए, जिसमें रॉकेट और मिसाइल दोनों की क्षमताएं मौजूद हों। चीन और पाकिस्तान पहले ही इस तरह की फोर्स खड़ी कर चुके हैं। वह सेना दिवस से पूर्व वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत पिनाका रॉकेट सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। इसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर तक है। इसके अलावा, प्रलय सहित अन्य रॉकेट और मिसाइल प्रणालियों पर भी काम चल रहा है।

मौजूदा हालात में रॉकेट और मिसाइल फोर्स जरूरत बन चुकी है तथा सरकार भी इस पर सहमत है। अब फैसला यह होना है कि यह फोर्स सेना के भीतर रहेगी या रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में होगी।

क्या है रॉकेट फोर्स और यह क्यों जरूरी है?

रॉकेट फोर्स एक विशिष्ट सैन्य इकाई होती है जो लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों का संचालन करती है। आधुनिक नॉन-कॉन्टैक्ट युद्ध में इसकी भूमिका निर्णायक होती है क्योंकि सैनिकों को सीधे दुश्मन के सामने जाने की जरूरत नहीं पड़ती। वे कमांड सेंटर से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।

ब्रह्मोस (BrahMos) और प्रलय (Pralay) जैसी मिसाइलें रडार, जीपीएस और इन्फ्रारेड सिस्टम की मदद से सैकड़ों किलोमीटर दूर दुश्मन के एयरफील्ड और कमांड सेंटर को सटीक निशाना बनाती हैं। रॉकेट और मिसाइलें मिलकर दुश्मन के बुनियादी ढांचे को कुछ ही मिनटों में पंगु बना सकती हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस ने मचाई तबाही

भारतीय सेना की इस नई रणनीति के पीछे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का बड़ा हाथ है। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी कैंपों और सैन्य ठिकानों पर ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों से भीषण हमले किए। भारत ने अपनी सीमा पार किए बिना ही दुश्मन के सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त कर दिया, जिसने मिसाइल तकनीक की श्रेष्ठता को साबित किया।

चीन और पाकिस्तान की चुनौती

भारत के दोनों पड़ोसी अपनी मिसाइल शक्ति को संगठित कर चुके हैं। चीन ने 2015 में ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) का गठन किया था, जो दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल ताकतों में से एक है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान ने भी 13 अगस्त 2025 को चीन की तर्ज पर आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) बनाने की घोषणा की है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।