मोदी के करीबी मंत्री को होने लगा किस बात का पछतावा? खुद ही खोले राज

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जब जितेंद्र सिंह से पूछा गया कि उनके कार्यकाल की ऐसी कौन सी एक बात या काम है जिसे न कर पाने का उन्हें सबसे ज्यादा पछतावा है। उन्होंने इसका बरा ही रोक जवाब दिया।

What is a close minister of Modi starting to regret He reveals the secret himself

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में भी इसको लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक दिलचस्प बयान दिया। जब जितेंद्र सिंह से पूछा गया कि उनके कार्यकाल की ऐसी कौन सी एक बात या काम है जिसे न कर पाने का उन्हें सबसे ज्यादा पछतावा है। उन्होंने इसका बरा ही रोक जवाब दिया।

जितेंद्र सिंह ने इस दौरान स्पेस सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए बहुत पहले ही खोल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं हो सका जिसके उन्हें मलाल है। हालांकि, जब मीडिया और उपस्थित लोगों द्वारा इस पर और अधिक स्पष्ट जवाब देने के लिए दबाव डाला गया तो केंद्रीय मंत्री ने चुटीले अंदाज में बात को संभालते हुए कहा, "मुझे इस बात का पछतावा है कि मैं आपको एक संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा हूं।"

लैटरल एंट्री स्थगित नहीं की गई: जितेंद्र सिंह

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि लैटरल एंट्री को स्थगित नहीं किया गया है और सभी हितधारकों के साथ परामर्श जारी है। लैटरल एंट्री का अभिप्राय सरकारी विभागों में विशेषज्ञों (जिनमें निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हैं) की नियुक्ति से है। लैटरल एंट्री की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया को स्थगित करने का कोई आदेश नहीं है।

मंत्री कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। लैटरल एंट्री के तहत भरी जाने वाली रिक्तियों के लिए आरक्षण का प्रावधान न होने को लेकर हुए राजनीतिक विवाद के बीच, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने अगस्त 2024 में सरकारी विभागों में इस प्रक्रिया के माध्यम से अहम पदों पर नियुक्तियां करने के लिए जारी अपना विज्ञापन रद्द कर दिया था।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की सचिव रचना शाह ने बताया कि लैटरल एंट्री तीन चरणों में की गई और अलग-अलग विभागों में 63 अधिकारियों की नियुक्ति की गई। उन्होंने कहा कि उनमें से दो-तिहाई लोग अभी भी पदस्थ हैं और विशेषज्ञ के तौर पर योगदान दे रहे हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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