धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बारे में क्या हुई जेपी नड्डा से बात, सोनम वांगचुक ने बताया
28 जून से ही भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो मैसेज जारी किया है। साथ ही बताया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर क्या बात हुई।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन तोड़ चुके हैं और उन्होंने शुक्रवार को इसकी वजह भी बता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज नहीं करने और नीट पेपर लीक में खुदकुशी करने वाले पीड़ितों के लिए मुआवजा दिए जाने पर सहमति जता दी है। हालांकि, उन्होंने बताया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने कोई तत्काल आश्वासन नहीं दिया है।
वांगचुक ने कहा, '26वें दिन मैं आप लोगों को खास खबर बताना चाहूंगा। अभी रात के लगभग 12.30 बज रहे हैं। अभी थोड़ी देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा साहब और जितेंद्र सिंह साहब यहां आए थे और लद्दाख के एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेतागण भी यहां आए थे।' उन्होंने कहा, 'और उससे पहले आप लोगों को मालूम है विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने आकर और हस्ताक्षर देकर हमसे अनशन तोड़ने के लिए कहा और वह संसद में इस मुद्दे पर नीट पेपर्स और परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा करेंगे। यह आश्वासन दिया और जो सरकार से इस तरफ से मंत्रीगण आए थे उन्होंने भी यह आश्वासन दिया।'
सोनम वांगचुक की मांग
उन्होंने कहा, 'जिसका कि दो दिन से हम बहुत बातचीत कर रहे थे कि मुझे आश्वासन चाहिए और लिखित में चाहिए और इसमें दो दिन लगे और मुझे इसलिए अनशन पर दो दिन और बैठना करना पड़ा और ज्यादा भी बैठ जाता तो। आखिर में आज उन्होंने लिखकर आश्वासन दिया है।'
उन्होंने बताया है कि सरकार दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर केस दर्ज नहीं करने के लिए तैयार है। साथ ही उन लोगों पर केस नहीं होगा, जो 20 जुलाई को मार्च में शामिल हुए थे। साथ ही सरकार ने संसद में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर चर्चा का आश्वासन पहले ही दे दिया है। इसके अलावा सरकार हाल ही में हुए नीट पेपर लीक में सुसाइड करने वालों के परिवार को उचित मुआवजा देने पर भी विचार कर रही है।


