शरद पवार को लेकर संजय राउत ने क्या कहा? भड़क गईं सुप्रिया सुले, उद्धव को ही लपेट लीं
शरद पवार की विश्वसनीयता पर गुरुवार को तीखे सवाल उठाने वाले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को अपने बयानों को काफी हद तक नियंत्रित करने का प्रयास किया।

महाराष्ट्र की राजनीति में महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर छिड़ा आंतरिक विवाद अब सामने खुलकर आने लगा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। दरअसल शिवसेना (यूबीटी) ने शरद पवार द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के कार्यालय में एनसीपी (एसपी) की बैठक आयोजित करने को लेकर उनकी साख को लेकर सवाल उठाए थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे द्वारा एनसीपी में विभाजन के ठीक बाद अजीत पवार से की गई मुलाकात की याद दिलाई। सुप्रिया सुले ने संवाददाताओं से कहा, "मेरे पिता शरद पवार और एकनाथ शिंदे के बीच यह केवल एक संक्षिप्त शिष्टाचार मुलाकात थी। इससे ज्यादा कुछ नहीं। शिंदे उपमुख्यमंत्री हैं। संवैधानिक पद पर बैठे लोगों से मिलना सामान्य बात है। मैंने संजय राउत से बात की है, यह केवल एक गलतफहमी थी।"
सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे की अजीत पवार के साथ हुई उस पुरानी बैठक का हवाला देते हुए कहा, "जब अजीत दादा ने हमारा साथ छोड़ा और एनडीए (NDA) में शामिल हुए तो उद्धव जी विभाजन के ठीक 17वें दिन दादा से मिले थे। हमने उसे उद्धव जी की उपमुख्यमंत्री के साथ एक मुलाकात के रूप में लिया था, क्योंकि वह एक संवैधानिक पद पर आसीन थे। हमारे मन में यह साफ था कि उद्धव जी ने महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दादा से मुलाकात की थी और हमने तब कुछ नहीं कहा था। एक मजबूत लोकतंत्र में संवाद हमेशा होना चाहिए।"
संजय राउत के तेवर पड़े नरम
शरद पवार की विश्वसनीयता पर गुरुवार को तीखे सवाल उठाने वाले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को अपने बयानों को काफी हद तक नियंत्रित करने का प्रयास किया। संजय राउत ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा, "हम कल परेशान थे, लेकिन आज हम परेशान नहीं हैं। पवार साहब हमारे सर्वोच्च नेता हैं और महा विकास अघाड़ी के मार्गदर्शक हैं। कल हमने केवल अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं।"
नरम रुख अपनाने के बावजूद संजय राउत ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि एमवीए के घटक दलों को उन लोगों के साथ मेलजोल नहीं बढ़ाना चाहिए जिन्होंने राजनीतिक दलों को तोड़ा है।
पृथ्वीराज चव्हाण के दावे को सुले ने किया खारिज
पार्टी के भीतर किसी भी तरह की टूट की खबरों को खारिज करते हुए सुप्रिया सुले ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस दावे को भी सिरे से नकार दिया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि राकांपा-एसपी के 5 से 6 लोकसभा सांसद पाला बदल सकते हैं। सुले ने स्पष्ट किया कि राकांपा-एसपी का कोई भी सांसद किसी अन्य दल में शामिल नहीं हो रहा है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
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